Monsoon: बारिश का कहर, लाहुल में 150 लोग घर छोडऩे को मजबूर, सिरमौर में मिले तीन शव

By: Aug 20th, 2026 12:01 am

दिव्य हिमाचल टीम — केलांग, शिमला

हिमाचल भर में मंगलवार रात से जारी बारिश ने खूब कहर बरपाया है। लाहुल-स्पीति की मयाड़ घाटी के करपट गांव में आई बाढ़ से गांव के आसपास हालात बिगड़ गए और करीब 150 लोग अपना घर छोडऩे को मजबूर हो गए। इन सभी को मयाड़ नाले के दूसरी ओर बनाए गए टेंटों व सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी। बाढ़ के कारण मयाड़ नाले का बहाव एक स्थान पर रुक गया, जिससे वहां झील जैसी स्थिति बन गई है। पानी का स्तर बढऩे से करपट गांव को जोडऩे वाला मोटरेबल पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। पुल के डूबने से गांव का संपर्क प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल के पानी में डूब जाने के कारण दो प्रवासी मजदूर और एक महिला अब भी गांव में फंसे हुए हैं। इसके अलावा करपट गांव के 32 परिवारों का पशुधन भी गांव के दूसरी ओर फंसा हुआ है। उधर,भारी बारिश के बाद सडक़, रास्तों व नदी नालों को देखते हुए डीसी ऊना ने बंगाणा सब डिवीजन में सभी स्कूल-कालेजों में बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। इसके साथ ही नादौन के शिक्षण संस्थानों में भी बुधवार को छुट्टी करनी पड़ी। इसके अलावा कांगड़ा के परागपुर की कलोहा सडक़ पर नक्की खड्ड में अचानक जल स्तर बढऩे से एक गाड़ी फंस गई। हालांकि स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल दिया।

इसी बीच सोलन जिला के परवाणू, कसौली, शिमला शहर, मंडी के धर्मपुर और सिरमौर जिले में भी भारी बारिश से तबाही हुई है। सोलन और सिरमौर के निचले इलाकों में कई जगह घरों व दुकानों में जल भराव भी हो गया। सिरमौर के बागनाधार के कमरऊ में मंगलवार को लैंडस्लाइड में दबे तीनों मजदूरों के शव बुधवार को बरामद कर लिए गए है। मृतकों की पहचान अनिल पुत्र सानू राम निवासी कमराऊ, धन सिंह पुत्र रूप सिंह निवासी नेपाल और गजेंद्र बहादुर निवासी नेपाल के तौर पर हुई है। हमीरपुर के गलोड़ क्षेत्र में भारी बारिश से सडक़ पर मलबा गिरने से सडक़ बंद हो गई, तो कहीं घरों में पानी घुस गया। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत चंगर के तहत राजकीय उच्च विद्यालय नालांगर का नवनिर्मित भवन भी डंगा ढह जाने के कारण खतरे की जद में आ गया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। वहीं पंचायत के अंतर्गत गांव नैहलवीं में अनंत राम व मदन लाल के घर की दीवार पर ल्हासे गिरने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। वहीं कांगू-गलोड़ और गलोड़-हमीरपुर वाया नाल्टी सडक़ मार्ग ल्हासे व पेड़ गिरने से बाधित हुआ।

एक एनएच समेत 166 सडक़ें बंद; नुकसान 1033 करोड़ पार, अब तक 205 की मौत

भूस्खलन, पेड़ गिरने और नालों का जलस्तर बढऩे से प्रदेश में एक एनएच समेत 166 सडक़ें बंद हो गई हैं।भारी बारिश से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 130 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बारिश से पेयजल योजनाओं पर भी असर पड़ा है। शाम तक प्रदेश में 222 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। 30 जून से अब तक मानसून से जुड़ी घटनाओं में 205 लोगों की मौत और 318 लोग घायल हो चुके हैं, जबकि तीन लोग लापता हैं। मानसून में अब तक 434 पशुओं की भी मौत हो चुकी है। 85 घर, 14 दुकानें और 296 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 325 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मानसून से प्रदेश को अब तक 1033 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है।

सुजानपुर टीहरा में सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पिछले 24 घंटों में सुजानपुर टीहरा में सबसे अधिक 156 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। नयना देवी में 136, नादौन में 128, धर्मशाला में 127, भरवाईं में 118, गगल और पालमपुर में 111-111 तथा नगरोटा सूरियां में 90 मिलीमीटर बारिश हुई।

21 अगस्त तक यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर तथा 21 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी दी है। 22 से 25 अगस्त तक भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है।


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