Himachal News: बजट बुक में मार्क हो सडक़ तभी अपने अधीन लेगा विभाग
भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य
अधिकतम तीन किलोमीटर लंबी ही होंगी सडक़ें
जीप, कार, पिकअप और एंबुलेंस जैसे हल्के वाहन ही चल सकेंगे
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग समेत अन्य एजेंसियों की ओर से बनाए गए जीपेबल और एंबुलेंस रोड को अपने अधीन लाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने व्यवस्था बनाई है। इसके तहत ऐसी सडक़ों का बजट बुक में दर्ज करवाना आवश्यक होगा। सडक़ से जुड़ी भूमि संबंधी औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गाइडलाइन के मुताबिक बनी सडक़ों को ही विभाग अपने अधीन लेगा। दरअसल प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग समेत अन्य एजेंसियों की ओर से भी लिंक व एंबुलेंस रोड बनाए जाते हैं, जिनके निर्माण को लेकर अभी तक किसी प्रकार की गाइडलाइन नहीं थी। राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए जीपेबल संपर्क सडक़ और एंबुलेंस रोड के लिए एक गाइडलाइन बना दी है। इससे अन्य विभागों व एजेंसियों को भी इसके प्रावधानों के तहत इनका निर्माण करना होगा। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि इन सडक़ों का उपयोग मुख्य रूप से जीप, कार, पिकअप वाहन और एंबुलेंस जैसे हल्के वाहनों के लिए होगा। बसों और भारी वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
जीपेबल लिंक रोड की लंबाई अधिकतम तीन किलोमीटर होगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों, कठिन भौगोलिक स्थिति अथवा जनहित को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी तीन किलोमीटर से अधिक लंबाई की सडक़ को भी मंजूरी दे सकेगा। गाइडलाइन में कहा गया है कि जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त भूमि उपलब्ध करवाकर सुरक्षा दीवार, ढलान सुरक्षा, नालियां और अन्य संरचनाएं भी बनाई जाएंगी। गाइडनाइन के मुताबिक वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सडक़ पर 100 से 200 मीटर की दूरी पर पासिंग प्लेस बनाए जाएंगे और प्रत्येक पासिंग प्लेस की चौड़ाई कम से कम 5.5 से छह मीटर तथा प्रभावी लंबाई 12 से 15 मीटर होगी। इन सडक़ों के सामान्य हिस्सों में वाहनों की डिजाइन गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा, कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में 15 किलोमीटर प्रति घंटा तथा हेयरपिन मोड़ों पर 10 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
परीक्षण के बाद होंगी पास
जीपेबल लिंक रोड को यातायात के लिए खोलने से पहले रोड फिटनेस कमेटी द्वारा उसका निरीक्षण और परीक्षण किया जाएगा। सडक़ का ट्रायल रन निर्धारित डिज़ाइन वाहन अथवा एंबुलेंस से कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि इन दिशा-निर्देशों के लागू होने से प्रदेश में बनने वाली जीपेबल और एंबुलेंस रोड की गुणवत्ता में एकरूपता आएगी। इन सडक़ों को एसडीएम की अध्यक्षता वाली समिति से पास करना भी अनिवार्य किया गया है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
