हिमाचल में होगा बेस्ट डायग्रोस्टिक सिस्टम, सदन में मुख्यमंत्री का दावा, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश हैल्थ सेक्टर में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में हिमाचल का बेस्ट डायग्रोस्टिक सिस्टम होगा। राज्य के लिए जाइका के तहत 3000 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में वेटिंग भी अब 20 दिनों तक पहुंच गई है, जिसे शून्य तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री मंगलवार को मानसून सत्र में प्रश्रकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने आईजीएमसी में 19 वर्ष पुरानी एमआरआई मशीन को बदला है, जबकि एमआरआई थ्री टेस्ला मशीन चमियाणा, आईजीएमसी, नेरचौक, टीएमसी, मंडी और हमीरपुर में केंद्रीय कंपनी से खरीदी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमियाणा को सुपर स्पेशलिटी बनाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऑटेामेशन मशीन के लिए टेंडर भी सरकार ने कर दिया है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हैल्थ सेक्टर में तेजी से काम करते हुए आगे बढ़ रही है।
कई अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा
सीएम ने प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों का हवाला देते हुए कहा कि वहां पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि एक रोबोटिक सर्जरी का खर्चा एक लाख तीस हजार है, क्योंकि हर एक सर्जरी के बाद उपकरण चेंज करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी को सरकार रोबोटिक सर्जरी करवाने पर एक लाख की सबसिडी प्रदान कर रही है और महज 30 हजार ही खर्च करने पड़ते हैं, जबकि चमियाणा में स्पेशल वार्ड वाले मरीज की रोबोटिक सर्जरी के 80 हजार, जबकि अन्य अस्पतालों में 50 हजार रुपए लिए जा रहे हंै।
आवास के साथ आजीविका के भी प्रयास
शिमला — कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की जद में आने वाले परिवारों के पुनर्वास और पुनस्र्थापन को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने नियम 62 के तहत विधानसभा में प्रभावित परिवारों को लेकर सवाल उठाया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जवाब में कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से विस्थापित होने वाले परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं पुनर्वास संबंधी कार्रवाई की जा रही है। सरकार प्रभावित परिवारों की पहचान कर उनके लिए पुनर्वास का प्रावधान कर रही है, ताकि उन्हें आवास के साथ-साथ आजीविका का भी संरक्षण मिल सके।
पांच पैकेज में बनेगा परौर-चक्की फोरलेन
प्रदेश की परौर-चक्की फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य पांच पैकेज के तहत होगा। परियोजना में अभी तक 5734 परिवार प्रभावित हुए हैं। एक पैकेज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि तीन पैकेज का कार्य चला हुआ है, जबकि एक पैकेज की डीपीआर अभी तैयार की जा रही है। इसी तरह परौर-पद्धर फोरलेन सडक़ की डीपीआर भी अभी बननी है। विधायक किशोरी लाल की ओर से मानसून सत्र के प्रश्रकाल में रखे सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी दी है।
पंचायतों के साथ बात करें विधायक
नालागढ़ के विधायक हरदीप बावा के सवाल का जवाब देते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर परिषद नालागढ़ के क्षेत्र विस्तार पर राज्य सरकार विचार करेगी, लेकिन इसमें संबंधित पंचायतों को ऑब्जेक्शन नहीं होना चाहिए। नगर परिषद में जिन पंचायतों का मर्जर होना है, उसको लेकर विरोध होता है। उन्होंने कहा कि विधायक संबंधित पंचायतों के साथ पहले बातचीत कर लें।
निशानदेही-तकसीम के 8533 केस पेंडिंग
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक राकेश कालिया के सवाल पर लिखित जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि दो वर्षो में जिला ऊना में निशानदेही के 7511 और तकसीम के कुल 3746 मामलों का निपटारा किया है। उन्होंने बताया कि जिला में निशानदेही के 4467 और तकसीम के 4066 मामले लंबित पड़े हुए हैं।
सरकार सदन में दोबारा लाएगी बिल
हिमाचल विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्रकाल में सडक़ और रास्तों पर अतिक्रमण के मामला खूब गंूजा। वहीं, सडक़ों की राजस्व रिकॉर्ड में एंट्री में हो रही देरी पर सरकार ने अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। इसी दौरान राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पब्लिक पाथ इत्यादि पर दोबारा दावे या अतिक्रमण को रोकने के लिए विधानसभा से एक साल पहले बिल पारित किया गया है। इसे राष्ट्रपति को भेजा गया है, लेकिन अनुमति नहीं आई है। इस पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार इस बिल को दोबारा लाएगी, ताकि इस पर फैसला हो सके।
बीपीएल सर्वे के आठ चरण पूरे
हिमाचल में बीपीएल सर्वेक्षण के आठ चरण पूरे कर लिए गए है, लेकिन अभी तक सूची को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। वर्तमान में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 2,61,335 परिवार वर्तमान में बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में शामिल हैं। विधायक केवल सिंह पठानिया की सवाल पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मंगलवार को लिखित जवाब दिया।
अब तक 99689 को दिया प्रशिक्षण
विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल पर नगर एवं ग्राम योजना मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा राज्य में संचालित समस्त कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थानों का पंजीकरण नहीं किया जाता है। निगम द्वारा अपनी विभिन्न परियोजनाओं व योजनाओं के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करवाए जाते हैं। निगम ने 2015 से 31 जनवरी, 2026 तक विभिन्न परियोजनाओं के तहत 99689 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है।
जल्द पूरी होगी 279 योजनाएं
प्रदेश में जलजीवन मिशन के तहत बंद पड़ी 279 योजनाओं के कार्य को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पूरा किया जाएगा। सरकार विभागीय औपचारिकताओं को पूरा कर रही है। विधायक हंसराज के सवाल पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री ने यह जानकारी दी है। प्रदेश में जनजीवन मिशन के तहत 279 योजनाओं का काम बंद है और इन योजनाओं पर अब तक 1494.40 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है।
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