बांग्लादेश लौटूंगी, चाहे वे मार दें, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का दो साल बाद भाषण, वर्चुअल मीटिंग में कैमरा ऑफ

By: Aug 6th, 2026 12:01 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

बांग्लादेश से निर्वासित होने के दो साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को पहली बार लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। भाषण के दौरान उनका कैमरा बंद रहा। 25 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार भी सकते हैं, फिर भी मैं दिसंबर महीने में बांग्लादेश वापस जाऊंगी। लोगों का समर्थन मेरे लिए बहुत जरूरी है। मौत की सजा, झूठे मुकदमे और दिखावटी सुनवाई मुझे डरा नहीं सकती। मेरे खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई गैरकानूनी, असंवैधानिक और राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।

हसीना ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बांग्लादेश नहीं छोड़ा था। प्रदर्शनकारियों के प्रधानमंत्री आवास की ओर बढऩे पर उनके पास वहां से निकलने के लिए सिर्फ 30 से 40 मिनट का समय था। तब उन्हें नहीं पता था कि वे देश छोडक़र जा रही हैं। वह अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन हालात ऐसे बने कि देश छोडऩा पड़ा। हसीना ने कहा कि उन्होंने पिछले दो सालों से बांग्लादेश को तकलीफ में देखा है। घरों और काम की जगहों पर डर फैल गया है। यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे उन्होंने बनाया था और यह वह बांग्लादेश भी नहीं है, जिसके लिए 1971 में लाखों लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी दी थी। बांग्लादेश अब पाकिस्तान बन चुका है।

भारत हर मुश्किल समय में साथ देता है

शेख हसीना ने भारत को मित्र देश बताते हुए कहा कि वह हमेशा बांग्लादेश का अच्छा दोस्त रहा है। जब भी बांग्लादेश किसी मुश्किल हालात में होता है, भारत हमेशा उसके साथ खड़ा रहता है। चाहे वह 1971 हो, 1975 हो या आज का समय। सरकारों के बीच के संबंध अलग हो सकते हैं, लेकिन भारत हमेशा से एक अच्छा दोस्त रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा। भारत भले ही मित्र देश है, लेकिन उन्हें अपने लोगों के पास जाना है।


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