चोरों पर कांगड़ा पुलिस की तगड़ी चोट

By: Aug 13th, 2026 12:50 am

कांगड़ा में चोरी-सेंधमारी के 13 मामले; 84 लाख की संपत्ति पुलिस ने बरामद की, चोरों ने उड़ाई एक करोड़ की संपत्ति
स्टाफ रिपोर्टर-धर्मशाला
जिला कांगड़ा में जुलाई और अगस्त के दौरान चोरी और सेंधमारी के कुल 13 मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में चोर करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ कर चुके हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 84 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति बरामद कर ली है। बरसात के दिनों में जिला के कई क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। अब पुलिस विभाग कार्रवाई करने के साथ ही जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी निर्देशों पर कढ़ाई से अमल करने में भी जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार दोनों महीनों में कुल एक करोड़ 53 हजार 820 रुपए की संपत्ति चोरी हुई, जबकि पुलिस ने 84 लाख रुपए से अधिक की रिकवरी की है। आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में चोरी के छह मामले दर्ज हुए थे। इनमें चार लाख 94 हज़ार रुपए की संपत्ति चोरी हुई, जिसमें से दो लाख 10 हज़ार रुपए बरामद किए गए। इस तरह चोरी के मामलों में करीब 42 फीसदी रिकवरी हुई।

वहीं, जुलाई में सेंधमारी के चार मामले दर्ज हुए। इनमें चोरी गई 93 लाख 69 हज़ार 820 रुपए की संपत्ति में से 80 लाख 44 हज़ार 790 रुपए बरामद किए गए। सेंधमारी के मामलों में रिकवरी करीब 86 फीसदी रही। अगस्त में चोरी के दो मामले दर्ज हुए। इनमें 90 हज़ार रुपए की संपत्ति चोरी हुई, और पुलिस ने पूरी 90 हज़ार रुपए की राशि बरामद कर ली। इसके अलावा सेंधमारी का एक मामला सामने आया, जिसमें छह लाख रुपए की संपत्ति चोरी हुई और पुलिस ने 60 हज़ार रुपए बरामद किए। इस मामले में रिकवरी करीब 10 फीसदी रही। दो माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो चोरी के आठ मामलों में कुल पांच लाख 84 हज़ार रुपए की संपत्ति चोरी हुई और तीन लाख रुपए बरामद किए गए। वहीं, सेंधमारी के पांच मामलों में 99 लाख 69 हज़ार 820 रुपए की संपत्ति चोरी हुई और 81 लाख चार हज़ार 790 रुपए की रिकवरी हुई। इस तरह सेंधमारी के मामलों में करीब 81 फीसदी संपत्ति बरामद की गई।

एसपी कांगड़ा बोले, बाहरी लोगों का होगा पुलिस सत्यापन
पुलिस अधीक्षक कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पुलिस की ओर से चोरी और सेंधमारी के मामलों में आरोपियों की पहचान और बरामदगी को लेकर कार्रवाई जारी है। खासकर बड़ी रकम वाले मामलों में पुलिस ने बरामदगी पर जोर दिया है। एसपी ने कहा कि आंकड़ों से साफ है कि जुलाई में हुई सेंधमारी के मामलों में पुलिस को बड़ी रिकवरी मिली है, जबकि अगस्त के एक सेंधमारी मामले में अभी अधिकांश संपत्ति की बरामदगी बाकी है, जिस पर उचित कार्रवाई की जा रही है। अब बीएनएस की धारा 163 के तहत बाहरी व्यक्तियों को जिला में किराए में रहने, काम करने, दुकानदारी, रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले सहित हर व्यक्ति का संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाना में पंजीकरण व पहचान पत्र जमा करवाना अनिवार्य किया गया है।


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