कुटलैहड़ की सियासत सुर्ख… कंवर की मुलाकात से हलचल बढ़ी
दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री के समर्थकों में उत्साह, क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों की सुगबुगाहट
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-ऊना
कुटलैहड़ क्षेत्र से चार बार विधायक रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर की दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई मुलाकात के बाद हिमाचल की राजनीति, विशेषकर कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में नई राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खुशनुमा और आत्मीय माहौल में हुई इस मुलाकात के बाद वीरेंद्र कंवर के समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। समर्थक इसे कुटलैहड़ की राजनीति में भविष्य के नए समीकरणों के संकेत के रूप में देख रहे हैं। दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान वीरेंद्र कंवर ने नितिन नवीन को विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कंवर ने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा देशभर में और अधिक मजबूत होगी तथा संगठनात्मक रूप से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। वीरेंद्र कंवर और नितिन नवीन की इस मुलाकात को लेकर कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
खासतौर पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद कुटलैहड़ की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वीरेंद्र कंवर को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला और करीब 14 माह बाद कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने देवेंद्र भुट्टो प्रदेश के नौ कांग्रेस विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने देवेंद्र भुट्टो को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन भाजपा को उस चुनाव में सफलता नहीं मिल सकी। उपचुनाव के बाद कुटलैहड़ भाजपा के भीतर भी नए राजनीतिक समीकरण उभरकर सामने आए। क्षेत्र में भाजपा के भीतर कंवर और भुट्टो समर्थक गुटों की चर्चाएं लगातार बनी रहीं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा रही कि पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर को संगठन में अपेक्षित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नहीं मिलीं। वीरेंद्र कंवर को राजनीतिक रूप से हाशिये पर धकेले जाने के दावे भी किए गए। बावजूद इसके वीरेंद्र कंवर ने क्षेत्र की राजनीति और जनसंपर्क से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने लगातार कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखी और आम लोगों से संपर्क मजबूत किया। वीरेंद्र कंवर ने कुटलैहड़ सेवा संगठन के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ भाजपा सरकार और पार्टी की नीतियों के प्रचार-प्रसार में भी अपनी भूमिका लगातार निभाई।
क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी बनी रही। समर्थकों का कहना है कि चुनावी हार के बावजूद कंवर ने न तो क्षेत्र छोड़ा और न ही जनता से दूरी बनाई। वीरेंद्र कंवर ने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं से भी लगातार संपर्क बनाए रखा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जगत प्रकाश नड्डा से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय नेतृत्व तक कंवर की सक्रिय राजनीतिक पहुंच और संपर्क बना रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी संगठन के प्रति उनकी निरंतर निष्ठा और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए आने वाले समय में उनकी भूमिका को लेकर नई संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। चार बार विधायक और मंत्री रह चुके वीरेंद्र कंवर का क्षेत्र में अपना एक मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ उनकी मुलाकात ने उनके समर्थकों को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है। फिलहाल पार्टी की ओर से कुटलैहड़ के भविष्य को लेकर कोई औपचारिक संकेत सामने नहीं आया है, लेकिन वीरेंद्र कंवर की राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। समर्थक इसे कंवर की सक्रिय राजनीतिक भूमिका और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मजबूत संपर्क का संकेत मान रहे हैं।
कुटलैहड़ के सियासत के केंद्र में वीरेंद्र कंवर
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में भाजपा संगठन और हिमाचल की राजनीति में वीरेंद्र कंवर को कौन सी भूमिका मिलती है। इतना जरूर है कि दिल्ली की इस मुलाकात ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर वीरेंद्र कंवर के नाम को केंद्र में ला दिया है और आने वाले समय में यहां नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावनाओं पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुटलैहड़ की राजनीति में आगे क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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