सीएम से मेयर ने मांगे 74वें संविधान संशोधन एक्ट के अधिकार

By: Aug 7th, 2026 12:02 am

महापौर सुरेंद्र चौहान ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां देने की रखी मांग

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
शिमला नगर निगम ने 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत शहरी निकायों को मिलने वाले अधिकारों के पूर्ण हस्तांतरण की मांग को लेकर सरकार के समक्ष विस्तृत मांगपत्र सौंपा है। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि संविधान की भावना के अनुरूप नगर निगम को प्रशासनिक, वित्तीय और कार्यकारी शक्तियां प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि अधिकार मिलने से राजधानी के विकास कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी। महापौर ने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में नगर निगम की 300 करोड़ रुपये की केंद्रीय व्यापारिक जिला (सब्जी मंडी) परियोजना और 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कर्मचारी आवासों को मंजूरी देने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से ये परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं, लेकिन शहर के समग्र विकास के लिए नगर निगम को संवैधानिक अधिकार मिलना भी आवश्यक है।

महापौर ने मांग की है कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सडक़ों का स्वामित्व और रखरखाव, पेड़ों की कटाई एवं छंटाई की अनुमति, उपयोगिता सेवाओं से जुड़े अधिकार, निगम क्षेत्र के जंगलों का प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित कार्य नगर निगम को सौंपे जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई अधिकार अलग-अलग विभागों के पास होने से विकास योजनाओं में तालमेल की कमी रहती है और कार्यों में देरी होती है। मांगपत्र में नगर निगम की वित्तीय मजबूती का मुद्दा भी उठाया गया है। महापौर ने संपत्ति कर, भवन निर्माण शुल्क, नक्शा स्वीकृति शुल्क और अन्य स्थानीय शुल्कों की वसूली का पूर्ण अधिकार निगम को देने की मांग की है। इसके अलावा शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की अध्यक्षता महापौर को सौंपने, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनी पार्किंगों का संचालन नगर निगम को देने और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आग्रह भी किया गया है। महापौर ने कहा कि मजबूत नगर निगम ही राजधानी के विकास को नई दिशा दे सकता है।

नगर निगम को पूरे अधिकार देने की महापौर ने उठाई मांग

महापौर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इन सभी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। उनका कहना है कि यदि 74वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप सभी अधिकार नगर निगम को सौंपे जाते हैं तो शिमला नगर निगम एक सशक्त स्थानीय निकाय के रूप में कार्य करेगा और राजधानी के नागरिकों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


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