पहाड़ दरका; 20 घरों पर खतरा, दहशत में लोग
ढली के अपर लंबीधार-इंदर नगर में भूस्खलन से एंबुलेंस रोड बंद
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला में भारी बारिश के बीच नुकसान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार रात से जारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। ढली के अपर लंबिधार-इंदर नगर में मंगलवार रात अचानक हुए भूस्खलन से एंबुलेंस रोड पूरी तरह बंद हो गई। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा सडक़ पर आ गिरा, जिसकी चपेट में दो वाहन भी आ गए। सडक़ बंद होने से बुधवार सुबह स्कूल, कार्यालय और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूस्खलन के बाद सडक़ के ऊपर बने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले कुछ घरों को खतरा था, लेकिन ताजा भूस्खलन के बाद अब करीब 20 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी के और खिसकने की आशंका बनी हुई है।
लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। रामनगर वेलफेयर सोसाइटी, लंबिधार-इंदर नगर ने पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान और आयुक्त से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। सोसायटी ने सडक़ पर आए मलबे को जल्द हटाकर आवाजाही बहाल करने और प्रभावित स्थान पर रिटेनिंग वॉल लगाने की मांग की है। यह सडक़ स्थानीय लोगों के साथ मरीजों और आपात स्थिति में एंबुलेंस की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण है। सडक़ बंद होने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। उधर, भट्टाकुफर में भी मंगलवार रात भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। यहां सडक़ पर मलबा आने से दो वाहन इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार भवन निर्माण के दौरान निकाला गया मलबा भी सडक़ तक पहुंच गया। लगातार बारिश के बीच दोनों क्षेत्रों में मलबा और खिसकने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की है।
टुटू समेत कई जगह गिरे पेड़
शिमला शहर में बारिश के कारण टुटू सहित कई अन्य स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। इससे लोगों की आवाजाही और यातायात प्रभावित हुआ। शहर में जगह-जगह जमीन खिसकने और पेड़ गिरने से लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संवेदनशील स्थानों पर रह रहे लोगों और मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सोसायटी ने मांग की है कि भूस्खलन प्रभावित स्थान का तत्काल निरीक्षण करवाकर संवेदनशील मकानों की सुरक्षा का आकलन किया जाए। सडक़ को जल्द बहाल करने के साथ स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि आगामी बारिश में कोई बड़ा हादसा न हो। लोगों ने चेताया है कि यदि समय रहते सुरक्षा दीवार और अन्य जरूरी इंतजाम नहीं किए गए तो बढ़ता भूस्खलन कई घरों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
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