वंदे मातरम पर सियासी जंग तेज, राजनाथ बोले, कांग्रेस का विरोध देश की भावनाओं का अपमान
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के पूर्ण गायन के बजाय शुरुआत के दो अंतरे गाए जाने के निर्णय को असंवैधानिक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार देते हुए कहा है कि यह राजनीतिक दृष्टि से भविष्य में गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट में इस निर्णय पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि संसद से पारित कोई भी कानून हर व्यक्ति के लिए बाध्यकारी होता है। यदि कोई कानून को नहीं मानता है तो संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और उनकी देशभक्ति पर सवालिया निशान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत का विरोध देश की भावनाओं का अपमान है। कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम का सम्मान करने से औपचारिक रूप से न केवल इनकार करना, बल्कि सीधे-सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी कानून हर व्यक्ति के लिए बाध्यकारी है। यदि कोई इसे मानने से मना करता है, तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है।
सिब्बल ने कहा, मोदी से लेकर वाजपेयी तक ने पूरा राष्ट्रीय गीत नहीं गाया

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले को देश विरोधी बताया था, जिसमें पार्टी ने वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाने की बात कही थी। अमित शाह के इस बयान को बेहद अहम और खतरनाक बताते हुए सिब्बल ने कहा कि अगर शाह की नजर से देखेंगे तब तो वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और आरएसएस तक सभी को भी देश विरोधी मानना पड़ेगा, क्योंकि इन लोगों ने भी कभी पूरा वंदे मातरम् नहीं गाया। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि शाह ने ये बयान किस मानसिकता से दिया है यह बात मुझे समझ नहीं आई, क्योंकि ऐसे में फिर आप देश भक्त किसे मानेंगे। सिब्बल ने भाजपा के दिग्गजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये बताइए कि जब मोदीजी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो क्या उन्होंने कभी वंदे मातरम गाया, फिर इनसे पूछिए, अटल बिहारी वाजपेयी जी जब प्रधानमंत्री थे तो क्या उन्होंने गाया था। तब तो सरकार भी इनकी थी, तो वे भी देशद्रोही हो गए।
वंदे मातरम पर फंसी कांग्रेस, तो अराजकता पर उतरी
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के धरने को लेकर बीजेपी हमलावर हो गई है। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर कांग्रेस फंस गई है, इसलिए यह ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। बीजेपी के सांसद रविशंकर प्रसाद ने पूरे मामले पर कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और अब सिर्फ लोकतांत्रिक राजनीति नहीं, अराजकता की राजनीति करते हैं। अभी वह दिल्ली के पार्लियामेंट्री स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना बैठे हुए हैं, बिना अनुमति के, बिना किसी पूर्व सूचना के। कभी प्रधानमंत्री के घर के सामने बैठ जाते हैं और अभी फिर यहां बैठ गए हैं। पुलिस सूत्रों से जो जानकारी मिली है कि जिस घटना का वह संदर्भ दे रहे हैं, उसकी शिकायत ले हो चुकी है। वह जांच का विषय है। सबसे बड़ी बात यह है कि जो लोग पीडि़त थे, वह सुप्रीम कोर्ट गए और सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई है जिसकी अध्यक्षता एक रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट के जज कर रहे हैं। उसमें दो जज और हैं, एक सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर हैं और एक और बड़े अधिकारी हैं।
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