तीन महीने से वेतन लंबित
शिक्षा निदेशक से मिले मिड-डे मील वर्कर्ज; 10 नहीं, 12 माह का वेतन देने की उठाई मांग
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
मिड-डे मील वर्कर्ज यूनियन संबंधित सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को तीन माह के लंबित वेतन और एरियर के भुगतान को लेकर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आशीष कोहली से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मई, जून और जुलाई का वेतन जल्द जारी करने की मांग उठाई। निदेशक ने हर माह समय पर पूरा वेतन देने और मेडिकल चेकअप से जुड़े मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया। सीटू जिला कोषाध्यक्ष बालक राम और यूनियन महासचिव शांति देवी ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो सितंबर में संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में करीब 21 हजार बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने वाले कर्मियों को कई बार तीन-तीन माह तक वेतन नहीं मिलता।
उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 10 माह के बजाय 12 माह का वेतन देने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी और पेंशन सुविधा देने की मांग उठाई। यूनियन ने कहा कि 25 बच्चों की शर्त के कारण विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर कर्मियों की नौकरी प्रभावित होती है। वर्कर्ज ने साल में तीन बार होने वाले मेडिकल चेकअप और टेस्ट का पूरा खर्च शिक्षा विभाग द्वारा वहन करने की मांग भी की। यूनियन ने कहा कि मेडिकल जांच के लिए आने-जाने का खर्च भी विभाग को देना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में सीटू जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, महासचिव शांति देवी सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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