चीनी के दाम 18 फीसदी घटे, कारखाने से निकलने पर भाव 55 रुपए किलो पर आया, अभी और होगी सस्ती

By: Aug 25th, 2026 9:54 pm

कारखाने से निकलने पर भाव 55 रुपए किलो पर आया, अभी और होगी सस्ती

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

सरकार की ओर से चीनी के आयात को अनुमति दिए जाने के बाद दाम 18 फीसदी तक गिरकर 55 रुपए प्रति किलो पर आ गए हैं। ये एक्स-मिल यानी कारखाने से निकलने वाले दाम है। पिछले हफ्ते चीनी का भाव 67 प्रति रुपए किलोग्राम के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था। केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि सरकार ने चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्चे चीनी के आयात की अनुमति दी थी। इसके अलावा, बड़े खरीददारों पर स्टॉक लिमिट लागू की गई है और राज्यों को जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इन फैसलों के बाद मिल स्तर पर कीमतों में गिरावट शुरू हो चुकी है। आमतौर पर एक्स-मिल रेट और थोक बाजार की कीमत में दो से तीन रुपए प्रति किलोग्राम का अंतर होता है। वहीं, एक्स-मिल और खुदरा बाजार की दरों में सात से आठ रुपए प्रति किग्रा का अंतर रहता है।

फिलहाल खुदरा बाजार में ग्राहकों को पूरी राहत नहीं मिली है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को देशभर में चीनी का औसत थोक भाव 58.29 रुपए प्रति किग्रा और औसत खुदरा भाव 63.05 रुपए प्रति किग्रा दर्ज किया गया। हालांकि, मिल स्तर पर दाम घटने के बाद जल्द ही आम उपभोक्ताओं के लिए भी रिटेल दुकानों पर चीनी सस्ती हो जाएगी।नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनावरे ने कहा कि देशभर में एक्स-मिल कीमतें 55 रुपए किलो से नीचे आ गई हैं। बाजार में कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।

15 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर पाबंदी

सरकार ने चीनी व्यापारियों और डीलरों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू कर चुकी है। नए नियमों के तहत महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का कारोबार करने वाले डीलर 15 दिन से अधिक की खपत का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकते। बता दें कि चीनी के आयात को टैक्स फ्री भी कर दिया है। निर्यात पर 30 सितंबर, 2026 तक रोक लगा दी है। डीलरों के लिए 30 नवंबर तक 400 टन तक की स्टॉक लिमिट तय की।

देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक, कमी का दावा गलत

खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, विपणन वर्ष 2025-26 (अक्तूबर-सितंबर) के लिए देश में चीनी का उत्पादन लगभग 306 लाख टन रहने का अनुमान है। हालांकि यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान 343 लाख टन से कम है, लेकिन देश की सालाना घरेलू मांग केवल 280 से 285 लाख टन के आसपास रहती है। ऐसे में देश के पास मांग पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है।


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