प्रदेश हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध, CM बोले, भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियां गरीबों में बांटी जाएंगी
कुसुम्पटी में बोले मुख्यमंत्री सिंह सुक्खू, भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियां जब्त कर गरीबों में बांटी जाएंगी
स्टाफ रिपोर्टर — शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों के हितों और राज्य के संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में महत्त्वपूर्ण कानूनी जीत हासिल की है। इसके साथ ही जेएसडब्ल्यू से हिमाचल प्रदेश के हितों से कोई समझौता किए बिना 18 प्रतिशत निशुल्क विद्युत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। किशाऊ परियोजना में भी सरकार ने हिमाचल के हितों की रक्षा की है, जिससे राज्य को हर साल लगभग 600 करोड़ का अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री कुसुम्पटी में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त करके गरीबों में बांटा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास उनकी वैध आय से अधिक संपत्ति पाई जाएगी, उन्हें अपनी संपत्ति की जानकारी प्रदान करनी होगी।
सीएम ने कहा कि हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा में राज्य में 23 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन प्रदेश सरकार ने तुरंत राहत और सहायता पहुंचाकर प्रभावित परिवारों की मदद की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सर्वेक्षण के माध्यम से 1.75 लाख अति निर्धन परिवारों की पहचान की है। इनके विकास के लिए शीघ्र ही ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त लगभग 10 लाख पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा देने के लिए नई योजना भी तैयार की जा रही है।
जिला परिषद कर्मियों को राहत
मुख्यमंत्री ने जिला परिषद कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास की जाएगा। सीएम सुक्खू ने मशोबरा में सीबीएसई स्कूल खोलने, पीडब्ल्यूडी मंडल और उपमंडल कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता तथा क्षेत्र में एक एक्स-रे मशीन उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की।
48 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को शिमला के कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में करीब 48 करोड़ रुपए लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने मशोबरा में नए खंड विकास कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। सीएम ने भट्टाकुफर में छह करोड़ से बनने वाले लोक निर्माण विभाग मंडल कार्यालय, मशोबरा के बलदेयां में 3.64 करोड़ से बनने वाले उपमंडल कार्यालय, 12 करोड़ की लागत से बनने वाले नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन और लगभग 22 करोड़ की लागत से बनने वाली संपर्क सडक़ का शिलान्यास किया।
सरकार ने कर्मचारियों से किए वादे निभाए
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के दौरान कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य पूर्ण हुए हैं और कुछ विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वन अधिकार अधिनियम के तहत 120 से अधिक सडक़ों को स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण के अनुरूप आधुनिक पंचायत घर बनाए जा रहे हैं, जिसकी अन्य राज्यों ने भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों से किए वादे पूरे किए हैं, लेकिन केंद्र सरकार से पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपए की सहायता राशि अब तक जारी नहीं हुई है और कई केंद्रीय अनुदान भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कुसुम्पटी विधानसभा का अधिकांश विकास कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ है। इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नशा निवारण बोर्ड के उप-संयोजक संजय ठाकुर, राज्य विपणन बोर्ड के सलाहकार नरेंद्र ठाकुर, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राघव शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
ग्रामीण ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 137 वाहनों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण ठोस कचरा प्रबंधन योजना के पहले चरण में 137 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन गांवों में घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना के अगले चरण में 700 और वाहन शामिल किए जाएंगे, जिन्हें ग्राम पंचायतें संचालित करेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे लगभग 24 हजार नए विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के शैक्षणिक ढांचे को और सुदृढ़ बनाने के लिए 87 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
