होर्मुज में अमरीका की महाघेराबंदी, 20 युद्धपोत उतारे

By: Aug 10th, 2026 10:21 pm

एजेंसियां— वाशिंगटन

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है। यह तैनाती होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के मद्देनजर की गई है। तेहरान ने साफ कहा है कि वाणिज्यिक शिपिंग के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने से पहले उसकी मांगें पूरी की जानी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, अमरीकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस रॉस पर सवार नाविक भी इस क्षेत्र में तैनात बलों का हिस्सा हैं।

कमांड ने कहा कि ये युद्धपोत सैन्य मिशनों का समर्थन कर रहे हैं, जिनमें ईरान के खिलाफ अमरीकी नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना शामिल है। अमरीकी सैन्य कमांड ने आगे बताया कि 9 अगस्त तक सेंटकॉम ने 55 वाणिज्यिक जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया है, दो को रोका है और दो पर चढक़र नियमों का पालन सुनिश्चित किया है। रिपोर्ट के अनुसार एक अमरीकी अधिकारी ने बताया कि बिना रुकावट वाणिज्यिक शिपिंग फिर से शुरू करने के समझौते की घोषणा के बाद वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा देगा। अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान द्वारा अपने वादे पूरे करने से जुड़ी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमरीका के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है।

ईरान के खिलाफ अमरीकी कार्रवाई तेज

यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब खबर है कि ईरान और ओमान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिससे होर्मुज से होकर नई शिपिंग लेन बन सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज पर ओमान के साथ समझौता अपने अंतिम चरण में है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जलमार्ग को फिर से खोलना अमरीका की कुछ शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा। ईरान ने अमरीकी हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा, प्रतिबंधों और सैन्य धमकियों को समाप्त करने तथा खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मांग की है।

अंतिम चरण में होर्मुज जलसंधि समझौता

ईरान-ओमान के संभावित समझौते से ऐसी शिपिंग लेन बनने की उम्मीद है, जिनका उपयोग होर्मुज को फिर से खोलने की शर्तें पूरी होने के बाद किया जा सकेगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यवस्था से बड़े तेल और गैस शिपिंग मार्गों से सुरक्षित रास्ता फिर से शुरू हो सकता है। फिर भी, अराघची ने दोहराया कि जब तक वाशिंगटन तेहरान की मांगें पूरी नहीं करता, ईरान जलमार्ग को फिर से नहीं खोलेगा। ईरानी अधिकारियों ने जलमार्ग फिर से खोलने के लिए शर्तों की लंबी सूची पेश की है।


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