युद्ध और राजनीति अलग नहीं, पूर्व सीडीएस बोले, सरकार को ऑप्शन देना सेना की जिम्मेदारी

By: Aug 26th, 2026 12:06 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि सेना, राजनीतिक इच्छा का सीधा विस्तार है। किसी देश के राजनीतिक हित सबसे ऊपर होते हैं और सेना उन हितों की रक्षा करने वाले कई माध्यमों में से एक हैं। पूर्व सीडीएस ने कहा कि शुरुआत इस बात से करते हैं कि राजनीति और युद्ध अलग नहीं हैं। क्लॉजविट्ज ने कहा था कि युद्ध दूसरे माध्यमों से राजनीति को आगे बढ़ाना है। पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर चर्चा की। यह आयोजन विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन ने रखा था। इस दौरान पूर्व सीडीएस ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक शासन के रिश्ते पर बात की।

जनरल चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में जब सरकार अपने राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए बल प्रयोग का फैसला करती है, तब सेना की जिम्मेदारी दो तरह की होती है— पहली सरकार को बल प्रयोग के विकल्प देना है, ताकि वह अपने उद्देश्यों को हासिल कर सके। दूसरी सरकार में भरोसा पैदा करना है, ताकि वह अपनी जरूरत के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा विकल्प चुन सके। ऑपरेशन सिंदूर को करीब 15 महीने हो चुके हैं। जनरल चौहान ने कहा कि इसके बावजूद ऑपरेशन का रणनीतिक असर बना हुआ है और भारत के साथ विदेशों में भी रणनीतिक मामलों के जानकार इस पर नजर रख रहे हैं।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App