नीट-यूजी को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए क्या कर रही सरकार, तीन हफ्ते में दाखिल करें हलफनामा

By: Aug 20th, 2026 12:07 am

केंद्र ने कहा, कुछ जगहों पर इनसानी दखल से होती है गड़बड़

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

नीट-यूजी 2026 की परीक्षा और पेपर लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बैंच ने केंद्र सरकार से पूछा कि नीट-यूजी परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और फूलप्रूफ बनाने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। बैंच ने केंद्र को तीन हफ्ते के अंदर इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी। याचिकाकर्ताओं ने एनटीए पर सवाल उठाए हैं। याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे कि या तो एनटीए को बदला जाए या फिर पूरी तरह एक नई और ज्यादा सुरक्षित संस्था बनाई जाए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई संस्था तकनीकी रूप से मजबूत, ज्यादा सुरक्षित और स्वतंत्र तरीके से काम करने वाली होनी चाहिए। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को नीट का पूरा सिस्टम समझाया।

उन्होंने कहा कि सिस्टम फुलप्रूफ है, लेकिन कुछ जगहों पर इनसानी दखल होता है। कोर्ट ने एसजी की बात सुनने के बाद कहा कि आपने जो बताया, वह पहले से ही राधाकृष्णन कमेटी के दायरे में है। कमेटी ने भी कहा था कि यह एक सिस्टमिक प्रॉब्लम है, जिसे संस्थागत आकार देने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि हमारी चिंता है कि आप परीक्षा को कैसे इंस्टीट्यूशनलाइज करेंगे। सुरक्षित ऑफिस, कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, टेस्टिंग सेंटर, सेंट्रल नेटवर्क ऑपरेटर, इन सबके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहिए। बैंच ने कहा कि राधाकृष्णन कमेटी ने भी कहा था कि पेपर की सीलिंग जैसी प्रक्रिया एक परमानेंट कमेटी को करनी चाहिए। कितने डीजी, एडीजी नियुक्त हुए हैं, यह हम रेगुलर एफिडेविट से जानना चाहते हैं। एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को सरकार ने मान लिया है। अब कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि नीट को फुलप्रूफ बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।


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