टीजीटी संस्कृत को हायर ग्रेड पे, शिक्षा विभाग ने कोर्ट के निर्णय के बाद लिया फैसला
कार्यालय संवाददाता — शिमला
शिक्षा विभाग ने टीजीटी संस्कृत शिक्षकों के वेतन से जुड़े मामलों पर नए निर्देश जारी किए है। विभाग का कहना है कि यदि संबंधित शिक्षक हाईकोर्ट में बताए गए इंद्र सिंह मामले के समान स्थिति में हैं, तो उनकी मांग पर उसी आधार पर फैसला लिया जाए। यह मामला सीडब्ल्यूपी नंबर 3314/2026 में अनीता टीजीटी (संस्कृत) और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार से जुड़ा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दी गई मांग पर विचार कर उसे सीडब्ल्यूपी नंबर 4830/2023, इंद्र सिंह ठाकुर व अन्य बनाम हिमाचल सरकार के फैसले के आधार पर तय करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा निदेशालय ने सिरमौर के उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं के मामले की जांच की जाए। यदि वे इंद्र सिंह मामले में शामिल कर्मचारियों के समान पाए जाते हैं, तो उनकी मांग पर कारण सहित आदेश जारी कर निर्णय लिया जाए।
याचिकाकर्ता संशोधित वेतनमान में दो साल की नियमित सेवा पूरी करने के बाद उच्च ग्रेड में वेतन तय करने का लाभ मांग रहे हैं। शिक्षा विभाग ने बताया कि ऐसे ही मामलों पर सरकार ने 30 दिसंबर 2025 को फैसला जारी किया था। इसमें कहा गया था कि समान मामलों को इंद्र सिंह मामले के आधार पर लागू किया जा सकता है, लेकिन यह लाभ हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दायर की जाने वाली एलपीए के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित शिक्षकों से इस संबंध में अंडरटेकिंग ली जाए। यदि भविष्य में पता चलता है कि उन्हें नियमों से अधिक वेतन
या अन्य लाभ का भुगतान हुआ है, तो अतिरिक्त राशि की वसूली की जाएगी।
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