करोड़ों रुपए खर्च, अब केंद्र सेमदद की आस, JJM की 279 योजनाओं के लिए चाहिए पैसा, 90 फीसदी काम पूरा
वरिष्ठ संवाददाता-शिमला
हिमाचल में जल जीवन मिशन के तहत मंजूर हुई 279 योजनाओं को पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इन योजनाओं पर करोड़ों रुपए की राशि खर्च हो चुकी है। बड़ी बात यह है कि कई योजनाओं का काम 90 फीसदी से ऊपर हो चुका है। लिहाजा अब राज्य सरकार की भी केंद्र पर आस टिकी हुई है। ाज्य सरकार साफ कर चुकी है कि जलजीवन मिशन में अगर राज्य को केंद्र से इन योजनाओं के लिए राशि मिल पाता है, उसी सूरत में इन्हें मुकाम तक पहुंचाया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार जलजीवन मिशन के तहत मंजूर हुई 279 योजनाओं का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षो से बंद पड़ा हुआ है। इनमें जल शक्ति विभाग के शिमला जोन में सबसे अधिक 106 योजनाएं शामिल है। इसके अलावा हमीरपुर जोन की 72, धर्मशाला 31 और मंडी जोन की 70 योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के निर्माण के लिए जल शक्ति विभाग 1491.40 करोड़ की राशि खर्च कर चुका है।
इनमें कई योजनाएं ऐसी भी हैं, जिनका कार्य 90 फीसदी से अधिक हो चुका है। इन योजनाओं के कार्य को पूरा करने के लिए अगर विभाग को समय पर बजट मिल जाता है, तो वर्ष 2027 के पहली के आरंभिक छह से तीन माह के भीतर कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा, जबकि इन सभी योजनाओं को मुकाम तक पहुंचाने के लिए जल शक्ति विभाग को 529.87 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। जल शक्ति विभाग इन योजनाओं का काम पूरा करने के लिए के जल जीवन मिशन 2.0 के बजट हासिल करने के लिए प्रयास कर रहा है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पिछले तीन वर्षो में बंद पड़ी योजनाओं का मामला उठा था। उस दौरान डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री ने स्पष्ट किया था कि विभाग इन योजनाओं को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन 2.0 से वित पोषण हेतू औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है। बजट मिलने पर इन्हें पूरा करने का विभाग प्रयास करेगा।
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