वीबी-जीराम जी योजना में हिमाचल छाया, 12.12 लाख सक्रिय श्रमिकों ने अर्जित किए 28.99 लाख मानव दिवस
स्टाफ रिपोर्टर — शिमला
हिमाचल प्रदेश में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। केंद्र सरकार की वीबी-जी राम जी योजना के 28 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश ने उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों के बीच सक्रिय श्रमिकों की भागीदारी और मजदूरी पर खर्च की हिस्सेदारी के मामले में मजबूत स्थिति दर्ज की है। जुलाई, 2026 से शुरू हुई योजना के तहत हिमाचल में 12.12 लाख सक्रिय श्रमिकों ने भागीदारी की। इन श्रमिकों ने कुल 28.99 लाख मानव दिवस अर्जित किए। योजना के तहत प्रदेश में अब तक 100 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जिसमें से 82.57 करोड़ रुपए मजदूरी और चार करोड़ रुपए निर्माण सामग्री पर खर्च हुआ है।
इस अवधि में प्रदेश में 1907 कार्य पूरे किए गए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि योजना के तहत प्रदेश में उपलब्ध राशि का बड़ा हिस्सा श्रमिकों को मजदूरी के रूप में उपलब्ध करवाया गया। मानव दिवस अर्जित करने और कुल खर्च के मामले में मिजोरम से हिमाचल प्रदेश आगे रहा। मिजोरम में 24.98 लाख मानव दिवस अर्जित किए। इसके मुकाबले हिमाचल प्रदेश में वीबी-जी राम जी योजना के तहत 12.12 लाख सक्रिय श्रमिकों ने कुल 28.99 लाख मानव दिवस अर्जित किए। कई चुनौतियों के बावजूद योजना के तहत लाखों श्रमिकों की भागीदारी और 28.99 लाख से अधिक मानव दिवस का सृजन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की मांग को दर्शाता है।
प्रदेश में 1907 काम पूरे
प्रदेश ने योजना के तहत 12.12 लाख श्रमिकों की भागीदारी, 28.99 लाख मानव दिवस, मजदूरी पर 82.57 करोड़ रुपए का कुल खर्च दर्ज किया गया है। 1907 कार्य पूरे किए गए हैं। उधर, पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा का कहना है कि वीबी-जी राम जी योजना में हिमाचल ने पहाड़ी राज्यों को पीछे छोड़ा है। प्रदेश में वीबी-जी राम जी योजना में बेहतर कार्य हुआ है। योजना में विकास कार्यों के लिए खंड विकास अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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