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चेहरा, नाम और यादें…टैटू में दिख रहा हिमाचली युवाओं का अलहदा अंदाज

By: Sep 5th, 2026 4:59 pm

मोहिनी सूद—सोलन

भीड़ में खुद को अलग दिखाने और अपने किसी खास के प्रति भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए युवाओं में टैटू बनवाने का चलन लगातार बढ़ रहा है। कोरोना काल के दौरान सुरक्षा कारणों से टैटू बनवाने का चलन कुछ कम हुआ था, लेकिन अब एक बार फिर युवा और महिलाएं इसे पसंद कर रहे हैं। प्रदेशभर में कई टैटू पार्लर संचालित हो रहे हैं, जहां टेंपरेरी और परमानेंट टैटू बनाने की सुविधा उपलब्ध है। युवाओं में हाथ और गर्दन पर टैटू बनवाने का चलन अधिक है, जबकि युवतियां गर्दन, अंगुलियों और कलाई पर टैटू बनवाना पसंद कर रही हैं।

बटरफ्लाई, एंजेल और फ्लावर के डिजाइन के साथ मां-पापा और अपना नाम लिखवाने का चलन भी काफी लोकप्रिय है। टैटू की दुनिया में समय के साथ नए-नए डिजाइन और तकनीक जुड़ रही हैं। इन दिनों यूवी टैटू युवाओं को खास तौर पर आकर्षित कर रहे हैं। सामान्य टैटू से अलग यूवी टैटू को ‘ब्लैक लाइट टैटू’ भी कहा जाता है। दिन के उजाले में ये सामान्य टैटू की तरह दिखाई देते हैं, जबकि अंधेरे में यूवी लाइट पडऩे पर इनमें चमक नजर आती है। रेडियम की तरह चमकने वाला यह प्रभाव इन्हें दूसरे टैटू से अलग बनाता है। युवा अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग डिजाइन और रंगों में इन्हें बनवा रहे हैं। महिलाएं और कॉलेज गल्र्स भी इस चलन का हिस्सा बन रही हैं।

2 तरह के होते हैं टैटू

टेंपरेरी और परमानेंट टैटू दो प्रमुख प्रकार हैं। परमानेंट टैटू लंबे समय के लिए बनाए जाते हैं, जबकि टेंपरेरी टैटू शादी, पार्टी या किसी विशेष अवसर के लिए पसंद किए जाते हैं। टेंपरेरी टैटू करीब 10 से 15 दिनों तक रह सकता है। टैटू आर्टिस्ट के अनुसार दोनों तरह के टैटू बनाने की प्रक्रिया काफी हद तक समान होती है, लेकिन इनमें इस्तेमाल होने वाली स्याही अलग होती है। टेंपरेरी टैटू का फायदा यह है कि लोग बिना स्थायी टैटू बनवाए अलग-अलग डिजाइन आजमा सकते हैं। युवाओं में धार्मिक टैटू के प्रति भी रुचि बढ़ी है। भगवान गणेश, शिव और हनुमान की आकृतियों अथवा पोट्रेट के अलावा त्रिशूल, शंख और धनुष-बाण जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी बाजुओं और शरीर के अन्य हिस्सों पर बनवाया जा रहा है। कई युवा दो से चार तरह के डिजाइन और रंगों को मिलाकर आकर्षक टैटू तैयार करवा रहे हैं। अब टैटू केवल नाम और सामान्य डिजाइन तक सीमित नहीं रह गया है। युवा अपने या अपने किसी खास व्यक्ति के पोट्रेट को भी टैटू के रूप में बनवाना पसंद कर रहे हैं।

हाथ और गर्दन पर टैटू बनवाना पसंद

युवती ट्विंकल ने बताया कि पहले युवा फिल्मी हस्तियों को देखकर टैटू बनवाना पसंद करते थे, लेकिन अब स्थानीय युवा अपने क्षेत्र की नामचीन जगहों और अपनी पसंद से जुड़े डिजाइन भी बनवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि युवा हाथ और गर्दन पर टैटू बनवाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। युवतियों और महिलाओं में चेहरे पर तिल का टैटू बनवाने का चलन भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा ब्रेसलेट और चूडिय़ों की डिजाइन, पैरों में पायल और पंजे पर नाम लिखवाने जैसे टैटू भी पसंद किए जा रहे हैं। काले रंग के साथ अन्य रंगों का इस्तेमाल कर आकर्षक डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं।

कितना आता है खर्च

टैटू बनवाने का खर्च उसके आकार और डिजाइन पर निर्भर करता है। छोटे टैटू के लिए करीब 3 हजार से 5 हजार रुपए तक खर्च आता है, जबकि बड़े और जटिल डिजाइन के लिए 12 हजार से 15 हजार रुपए तक खर्च हो सकता है। टैटू बनवाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। टैटू हमेशा अनुभवी और प्रशिक्षित आर्टिस्ट से ही बनवाना चाहिए। आर्टिस्ट का पोर्टफोलियो और काम की गुणवत्ता पहले जांच लें। टैटू बनाते समय नए और साफ उपकरणों का इस्तेमाल हो तथा आर्टिस्ट ने दस्ताने पहने हों, इसका भी ध्यान रखना चाहिए।

युवक ने बनवाया मुख्यमंत्री सुक्खू का टैटू

अब युवा केवल नाम, डिजाइन या पोट्रेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी पसंदीदा हस्तियों की तस्वीरें भी शरीर पर बनवा रहे हैं। इसी कड़ी में एक युवक ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का टैटू अपनी बाजू पर बनवाया है। युवक के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू की राजनीतिक यात्रा और आम परिवार से निकलकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने की कहानी उसे प्रभावित करती है।

2026 में बदला टैटू का अंदाज

2026 में युवाओं के बीच टैटू के डिजाइन और स्टाइल में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब सामान्य नाम और पुराने डिजाइन के बजाय फाइन-लाइन, माइक्रो-रियलिज्म, यूवी टैटू और पर्सनल पोट्रेट अधिक पसंद किए जा रहे हैं। युवा अपने माता-पिता, पार्टनर, बच्चों और पालतू जानवरों के पोट्रेट बनवा रहे हैं। खास तारीख, नाम और छोटे संदेश वाले टैटू भी पसंद किए जा रहे हैं। धार्मिक प्रतीकों में शिव, गणेश, हनुमान, त्रिशूल और अन्य डिजाइन को आधुनिक अंदाज में बनवाने का चलन है। युवतियां कलाई, गर्दन, अंगुलियों और कॉलरबोन पर छोटे व फाइन-लाइन डिजाइन पसंद कर रही हैं।


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