आसमान में मानव परिंंदे, लहरों पर रोमांच
दो महीने बाद पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग शुरू, पर्यटकों की बढ़ी चहल-पहल, कारोबार में उछाल
कार्यालय संवाददाता-पतलीकूहल
बरसात के चलते करीब दो महीने तक शांत रहे कुल्लू-मनाली के आसमान और ब्यास की लहरों पर रोमांच एक बार फिर लौट आया है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग गतिविधियां बंद रहीं। पुन: शुरू होते ही साहसिक पर्यटन से जुड़े काउंटरों पर पर्यटकों की चहल-पहल बढऩे लगी है। डोभी और सोलंगनाला में रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर आसमान में उड़ते दिखाई दे रहे हैं तो ब्यास में राफ्ट उतरने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने साहसिक गतिविधियों पर रोक लगाई थी। इस अवधि में पैराग्लाइडिंग पायलटए राफ्टिंग संचालक, गाइड और इनके साथ जुड़े सैकड़ों लोगों का कारोबार प्रभावित रहा। अब मौसम अनुकूल होने और साहसिक गतिविधियों को हरी झंडी मिलने से पर्यटन कारोबार को सितंबर-अक्तूबर में नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। कुल्लू जिले में साहसिक पर्यटन रोजगार का भी बड़ा जरिया बन चुका है। जिले में करीब 600 पंजीकृत राफ्ट, 572 राफ्टिंग गाइड और 176 ऑपरेटर हैं, जबकि विभिन्न पैराग्लाइडिंग साइटों पर करीब 671 पंजीकृत पायलट जुड़े हैं।
पिरड़ीए बबेली और रायसन राफ्टिंग के प्रमुख केंद्र हैं, जबकि डोभी, रायसन, सोलंगनाला, कोठी और गुलाबा सहित विभिन्न साइटों पर पैराग्लाइडिंग संचालित होती है। साहसिक गतिविधियां शुरू होने का फायदा केवल राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग संचालकों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे होटलए होमस्टे, टैक्सी, ढाबा-रेस्तरां और छोटे पर्यटन कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले ही दिन ब्यास में करीब 60 राफ्टें उतरने से कारोबार की अच्छी शुरुआत के संकेत मिले हैं। डोभी के पर्यटन कारोबारी विनय शर्मा का कहना है कि दो महीने बाद उनका मुख्य रोजगार फिर पटरी पर लौटा है। आने वाले दिनों में दशहरा सीजन और साफ मौसम के बीच पर्यटकों की आमद बढ़ती है तो साहसिक पर्यटन घाटी के कारोबार को बड़ा सहारा दे सकता है। वहीं सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन पर्यटन कारोबार की विश्वसनीयता और पर्यटकों का भरोसा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी रहेगा।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
