अमरीका के साथ चांद पर जाएगा भारत, सर्जियो गोर का बड़ा बयान, बोले, नासा ने इसरो को भेजा न्योता
दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
अमरीका चांद पर फिर से इनसानों को भेजने की तैयारी कर रहा है और इस काम में वह भारत को भी साथ चाहता है। भारत में अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर ने बंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 में कहा कि नासा ने इसरो को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चांद पर लौट रहा है और चाहता है कि भारत भी उसके साथ चांद की सतह पर काम करे। सर्जियो गोर ने भारत और अमरीका के बीच बढ़ते स्पेस कोऑपरेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने निसार मिशन और गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का उदाहरण बताया। अब दोनों देश एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग, स्पेसक्राफ्ट डॉकिंग और दूसरे स्पेस मिशन में भी साथ काम करने की तैयारी कर रहे हैं।
नासा का आर्टेमिस प्रोग्राम चांद पर इनसानों को फिर भेजने की योजना है। इसका मकसद चांद पर साइंटिफिक रिसर्च करना और वहां लंबे समय तक इंसानों के काम करने की तैयारी करना है। इस मिशन से मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल आगे मार्स मिशन की तैयारी में भी किया जाएगा। भारत ने 2023 में आर्टेमिस अकॉड्र्स पर हस्ताक्षर किए थे। अब नासा ने इसरो को मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता दिया है। इससे दोनों देशों के बीच मून एक्सप्लोरेशन को लेकर साथ काम करने के नए रास्ते खुल सकते हैं।
निसार मिशन में दोनों देशों की बड़ी साझेदारी
भारत और अमरीका पहले ही निसार सैटेलाइट पर साथ काम कर चुके हैं। नासा और इसरो ने मिलकर इस सैटेलाइट को बनाया है। इसे 30 जुलाई,2025 को भारत के जीएसएलवी-एफ16 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। निसार रडार की मदद से पृथ्वी की जमीन, बर्फ और पानी में होने वाले बदलावों की जानकारी जुटाता है। इसकी मदद से अर्थक्वेक, फ्लड, लैंडस्लाइड और वॉल्केनिक इरप्शन जैसी नेचुरल डिजास्टर को समझने में मदद मिल सकती है।
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