अब भारत में बनेगी जैवलिन मिसाइल, दुश्मन के टैंकों की सबसे खतरनाक दुश्मन है यह मिसाइल

By: Sep 1st, 2026 12:07 am

टाटा और अमरीका के एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम बनाने वाले ज्वाइंट वेंचर के बीच समझौता

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

दुश्मन के टैंकों को पल में तबाह करने वाले अमरीकी एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम जैवलिन अब भारत में ही बनेगा। इसके लिए टाटा एडवांस सिस्टम लिमिटेड (टीएसीएल) और अमरीका की जैवलिन ज्वाइंट वेंचर (जेजेवी) ने भारत में जैवलिन मिसाइल की को-प्रोडक्शन के लिए समझौता किया है। जैवलिन ज्वाइंट वेंचर में लॉकहीड मार्टिन और रेथियोन शामिल हैं। दोनों कंपनियों ने टीएसीएल को भारत में भविष्य में जैवलिन के उत्पादन के लिए प्रमुख औद्योगिक साझेदार चुना है। समझौते के तहत भारत में जैवलिन आल अप राउंड की फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन के लिए एक नई सुविधा स्थापित करने की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।

दुश्मन के टैंकों की सबसे खतरनाक दुश्मन है जैवलिन

जैवलिन (एफजीएम-148) अमरीका में बना एक मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसे सैनिक कंधे से लांच कर सकते हैं और यह बख्तरबंद वाहनों जैसे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। एक बार दागने के बाद मिसाइल खुद ही थर्मल टेंपरेचर से टारगेट को ढूंढ लेती है और उसे हिट करती है। इसकी अधिकतम प्रभावी रेंज करीब चार किलोमीटर है। जैवलिन की सबसे खास तकनीक फायर एंड फॉरगेट है। यानी लांच से पहले सिस्टम लक्ष्य को पहचानकर उस पर लॉक करता है और मिसाइल दागे जाने के बाद उसे ऑपरेटर को लगातार नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती। मिसाइल खुद लक्ष्य तक पहुंचती है। इसमें इन्फ्रारेड सीकर लगा होता है, जिससे यह दिन-रात और अलग-अलग मौसम में लक्ष्य को ट्रैक कर सकती है।


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