PMGSY-4 : प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-4 के 41 टेंडरों पर फंसा पेंच, कोर्ट में चल रहे 17 मामले
योजना के तहत प्रस्तावित 294 सडक़ों में से अढ़ाई सौ से अधिक की पूरी हो गई है टेंडर प्रक्रिया
17 मामले कोर्ट में है विचाराधीन, जबकि अन्य मामलों में ठेकेदारों द्वारा औपचारिकताएं पूरी न करने समेत कई अन्य कारण
वरिष्ठ संवाददाता-शिमला
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथै चरण की मंजूर सडक़ों में से 41 की टेंडर प्रक्रिया अभी भी पेच फंसा हुआ है। इनमें 17 मामले कोर्ट में चल रहे है। जबकि शेष में से कुछ ठेकेदारों की तरफ से औपचारिकताएं पूरी ना करने के अलावा फाइनेंशियल बिड खोलने और रि-टेंडरिंग के प्रोसेस में है। समय रहते इनकी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर बैठकों का भी दौर चल रहा है। लिहाजा एक मर्तबा फिर इएनसी ने अधिकारियों को जल्द से जल्द कोर्ट में चल रहे मामलों को छोड़ अन्य की औपचारिकताओं को पूरा कर कार्य आवंटित करने के निर्देश दिए है। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-चार के पहले फेज में प्रदेश के लिए 294 सडक़ों की मंजूरी केंद्र द्वारा प्रदान की है।
इसके तहत राज्य में 1500 किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रामीण सडक़ों का निर्माण होना है। निर्माण कार्य जल्द से जल्द आरंभ हो सकें, इसके लिए विभाग ने समय रहते टेंडर प्रक्रिया भी आरंभ कर दी। जिसके बाद अब तक 253 के करीब सडक़ों के टेंडर कर इनके कार्य भी आवंटित कर दिए गए है। लेकिन 41 सडक़ों के टेंडर को लेकर लटक गए है। पता चला है कि इनमें से 17 टेंडर की प्रक्रिया को लेकर मामला न्यायालय में चल रहा है। जिसमें पांच जिला चंबा, एक-एक हमीरपुर तथा देहरा के अलावा शेष रामपुर और रोहडू़ क्षेत्र से जुड़े है। जबकि 24 टेंडर की प्रक्रिया भी विभिन्न स्तरों पर है।
बताया जा रहा है कि टेंडर के बाद अन्य औपचारिकताओं को ठेकेदारों की तरफ से पूरा ना करने के चलते भी कुछ सडक़ों के काम लटक गए है। जिसमें ठेकेदारों द्वारा बैंक गारंटी ना देने भी एक बड़ी बजह बताई जा रही है। वहीं कुछ सडक़ों की फाइनेंशियल बिड अभी विभाग ने खोलनी है। जबकि कई सडक़ों की रि-टेंडरिंग की प्रक्रिया भी विभाग कर रहा है। पता चला है कि लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण के तहत बनने वाली सडक़ों की टेंडर प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की है। जिसमें उन्होंने टेंडर प्रक्रिया की वास्तुस्थिति को जाना है और अधिकारियों को इसको समय रहते पूरा करने हेतू दिशा-निर्देश भी दिए है।
इसके अलावा कोर्ट में टेंडर के विचाराधीन मामलों को लेकर भी फीडबैक भी लिया गया है। अहम है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत बनने वाली सडक़ों की टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक डेडलाइन निर्धारित तय कर रखी है। इसके अनुरूप विभाग को सडक़ों का काम शुरू करना होता है। ऐसे में विभाग भी पूरा प्रयास कर रहा है कि न्यायालय में चल रहे मामलों को छोड़ अन्यों की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर कार्य आवंटित कर दिए जाए।
—अजय
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