एक पंचायत में एक ही स्वास्थ्य केंद्र होगा, CM का ऐलान, जहां PHC, वहां आयुर्वेद हैल्थ सेंटर नहीं
सदन में मुख्यमंत्री का ऐलान; जहां पीएचसी, वहां आयुर्वेद हैल्थ सेंटर नहीं होगा, सरकार करेगी रैशनेलाइजेशन
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य में अब एक पंचायत में एलोपैथी का प्राइमरी हैल्थ सेंटर और आयुर्वेद का स्वास्थ्य केंद्र नहीं होगा। एक पंचायत में एक ही स्वास्थ्य केंद्र देने पर राज्य सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस बारे में रैशनेलाइजेशन कर दिया जाएगा। जिन पंचायतों में इस तरह के दो स्वास्थ्य संस्थान हैं, वहां एक स्वास्थ्य केंद्र को दूसरी पंचायत में शिफ्ट करेंगे। वह अर्की के कांग्रेस विधायक का संजय अवस्थी के सवाल में आयुर्वेद मंत्री यादविंद्र गोमा के जवाब के बाद हस्तक्षेप कर रहे थे।
संजय अवस्थी ने पूछा था कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के तहत आयुर्वेदिक औषधालय मज्याठ 2017 में खुला था, लेकिन अलग से पद सृजित न होने के कारण यहां प्रतिनियुक्ति पर ही कर्मचारी भेजे जा रहे हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र को स्थायी रूप से कर्मचारी कब मिलेंगे? आयुर्वेद मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि युक्तिकरण की प्रक्रिया के तहत जल्द सरकार इस बारे में फैसला ले रही है।
कुल्लू के मंजु मौत प्रकरण पर मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट आते ही होगी कार्रवाई
कुल्लू अस्पताल में बालीचौकी की रजनी शर्मा उर्फ मंजु की मौत के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में विस्तृत जवाब दिया। प्रश्नकाल में यह मामला नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उठाया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिस्थितियों में मंजु शर्मा की मौत हुई, वह दुखद है। इस मामले में संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई हुई है, लेकिन सात जुलाई को गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। यह रिपोर्ट जल्द आएगी और इसके आधार पर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
राकेश जम्वाल बोले, नौणी यूनिवर्सिटी में बिना टेंडर बना दी नक्षत्र वाटिका
विधानसभा में सोमवार को डॉ यशवंत सिंह परमार बागबानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में बनाई गई नक्षत्र वाटिका का मामला उठा। भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि 7,87,500 रुपए इस वाटिका पर खर्च किए गए, लेकिन टेंडर नहीं हुए, जबकि काम को ब्रेक करके कोटेशन से काम किया गया। ऐसा करने की क्या मजबूरी थी? जवाब में बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह नक्षत्र वाटिका राज्यपाल महोदय के कहने के बाद बनाई गई है। इसलिए टेंडर में लगने वाले समय को बचाने के लिए कोटेशन के जरिए काम कर लिया गया।मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय ने समय को बचाने के लिए ऐसा किया है। यदि इसमें कोई गड़बड़ी है, तो विधायक उसके प्रमाण दे दें।
एक ही टैंक पर दो विभागों का क्लेम, सीएम ने दिए जांच के आदेश
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान चौपाल से विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री को एक सुझाव दिया कि पंचायतों में बहुत सी योजनाओं से एक ही तरह के काम हो रहे हैं। टैंक बनाने का काम जलजीवन मिशन भी कर रहा है और जाइका भी। विधायक निधि या सांसद निधि से भी हो रहा है। इसलिए रिकॉर्ड चढ़ाती बार सरकार सुनिश्चित करे कि ऐसे काम के चार फोटो भी एमबी के साथ जरूर चढ़ाई जाएं, ताकि लोग बाद में इसके बारे में पता कर सकें। जवाब में मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता का समर्थन करते हुए कहा कि यदि आपके चुनाव क्षेत्र में किसी पंचायत में कुछ गलत हुआ है, तो आप स्पेसिफिक जानकारी दें।
भालुओं के हमलों में 93 घायल; छह की मौत, चंबा-शिमला सबसे ज्यादा प्रभावित
हिमाचल में जंगली भालुओं के हमलों में तीन साल की अवधि में छह लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इस दौरान प्रदेश भर में 93 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में चंबा और शिमला हैं। ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में सामने आई है। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य में भालुओं के हमलों में घायल व जान गंवाने वाले लोगों को लेकर जानकारी मांगी थी।
एक टीचर के सहारे चल रहे 3315 स्कूल, 65254 बीएड पास युवा बेरोजगार
हिमाचल में 3214 राजकीय प्राइमरी स्कूल और 101 राजकीय मिडल स्कूल एक ही शिक्षक के सहारे हैं। इसके अलावा 393 प्राइमरी स्कूल व तीन मिडल स्कूल डेप्यूटेशन पर आए टीचर्स देख रहे हैं। भाजपा के चार विधायकों पवन काजल, डॉ. हंसराज, जेआर कटवाल और दलीप ठाकुर के सवाल पर यह जानकारी सामने आई है। वहींं, प्रदेश में बीएड पास करने वाले बेरोजगार युवाओं की संख्या 65254 है। साथ ही जेबीटी पास बेरोजगार युवाओं की संख्या 16028 है। ये सभी युवा रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं।
शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी, जेबीटी के 4019, टीजीटी के 1190 पद खाली
हिमाचल के शिक्षा विभाग में जेबीटी के चार हजार से अधिक पद खाली हैं। इसी प्रकार टीजीटी मेडिकल, नॉन मेडिकल, आट्र्स के 1190 पद रिक्त चल रहे हैं। राज्य सरकार टीजीटी की 764 पोस्टों को भरने जा रही हैं। उनमें से 13 पद बैचवाइज भरे जाएंगे। हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी 20116 पद स्वीकृत हैं। उनमें से 4019 खाली हैं। यह जानकारी विधानसभा के मानसून सेशन में सामने आई है। कांगड़ा के विधायक पवन काजल, चुराह के विधायक डॉ. हंसराज, झंडूता के विधायक जेआर कटवाल और सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर ने ये सवाल पूछा था। शिक्षा मंत्री की तरफ से दिए गए जवाब के अनुसार टीजीटी के 764 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उनमें से केवल 13 पद बैचवाइज भरे जाएंगे।
तीन साल में भूकंप के 67 झटके, चंबा-लाहुल-कुल्लू-मंडी पर अधिक असर
भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील पांचवें जोन में पडऩे वाले पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में तीन साल की अवधि में 67 छोटे-बड़े भूकंप आए हैं। राहत की बात ये है कि इतने झटके आने के बाद भी यहां जीवन का कोई नुकसान नहीं हुआ। अलबत्ता संपत्ति को जरूर सात लाख रुपए से अधिक की हानि हुई है। हिमाचल में सबसे अधिक भूकंप चंबा, लाहौल-स्पीति, कुल्लू व मंडी में दर्ज किए गए। यह जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में सामने आई है। तीन दिन के अवकाश के बाद सोमवार को फिर से आरंभ हुए सदन में भरमौर से भाजपा सदस्य डॉ. जनकराज ने इस संदर्भ में सवाल किया था। सवाल अतारांकित था।
मेल-फीमेल हैल्थ वर्कर्स के 3534 पद खाली, रेगुलर नहीं होंगी आशा कार्यकर्ता
हिमाचल में फीमेल हैल्थ वर्कर्स यानी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मेल हैल्थ वर्कर यानी पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कुल 3534 पद खाली हैं। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 1610 व पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 1924 पद रिक्त पड़े हुए हैं। वहीं, राज्य सरकार हिमाचल में आशा कार्यकर्ताओं को नियमित करने का कोई विचार नहीं रखती है।
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