भारत-यूएई में बढ़ेगा कारोबार, दोनों देशों का मेगा प्लान, साल 2032 तक 200 अरब डॉलर तक पहुंचाना लक्ष्य
दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
यूएई जल्द ही भारत में 25 बिलियन डॉलर के नए निवेश की योजना बना रहा है। साथ ही दोनों देशों ने मिलकर अपने आपसी व्यापार को साल 2032 तक 200 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट रखा है, जो मौजूदा समय से दोगुना होगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे भारत और यूएई के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। पीयूष गोयल ने कहा, हम ऊर्जा सुरक्षा के लिए नए रास्ते तैयार कर रहे हैं और फिनटेक क्षेत्र में सहयोग का विस्तार कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में हमारे दोनों नेताओं की चार बार मुलाकात हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में यह एक दुर्लभ बात है। 2032 तक भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है।
यूएई में रह रहा बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय हमारी साझेदारी की रीढ़ है। स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान पर गोयल ने कहा कि हम चाहते हैं कि व्यापार का लेन-देन रुपए और दिरहम में हो और समय-समय पर इसे डॉलर में बदलकर इसका सेटलमेंट किया जाए। यूएई की ओर से बैंकिंग क्षेत्र में निवेश हुआ है। निवेश लगातार आ रहा है। यूएई की कंपनियां बंदरगाहों, जहाज निर्माण और स्टार्टअप्स में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। वे भारतीय शेयर बाजार में भी निवेश शुरू करना चाहती हैं।
समुद्र के नीचे से आएगी गैस
रणनीतिक ईंधन भंडार का विस्तार करने के लिए यूएई के साथ काम किया जा रहा है। यूएई को गैस का एक बड़ा स्रोत बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। समुद्र के भीतर पाइपलाइनों के जरिए गैस के परिवहन की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
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