चढ़ावे की राशि सामाजिक कार्यों पर खर्च करने को डालेंगे रिट पिटीशन, सुदर्शन बबलू के सवाल पर अग्निहोत्री का जवाब

By: Sep 1st, 2026 12:07 am

शून्यकाल के दौरान सुदर्शन बबलू के सवाल पर डिप्टी सीएम का जवाब

बोले, दुर्गम क्षेत्रों में डीजल बसें उपलब्ध करवाएगी सरकार

वरिष्ठ संवाददाता — शिमला

प्रदेश के मंदिरों की चढ़ावे की राशि को सामाजिक कार्यों और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने के लिए सरकार हाई कोर्ट में रिट पिटीशन दायर करेगी। शून्यकाल में विधायक सुदर्शन बबलू की तरफ से सदन में उठाए विषय पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में जवाब देते हुए यह ऐलान किया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश के तीन दर्जन के करीब मंदिर सरकार के अधीन हंै और इनमें शामिल बड़े मंदिरों में काफी चढ़ावा आता है। सामाजिक कार्यों और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए राशि खर्च की जाती थी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं, जिसको लेकर सरकार लीगली एग्जामिन करवा रही है और उसके बाद एक रिट पिटीशन हाई कोर्ट में डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि विधि विभाग ने शुरुआती बातचीत में कहा है कि इस राशि को सामाजिक कार्यों पर खर्च कर सकते हैं और अदालत में हम मजबूती से पक्ष रखेंगे। वहीं, विधायक सुरेश कुमार की ओर भोरंज विधानसभा क्षेत्र में बसों के रूप बंद करने का मामला शून्यकाल में उठाया।

इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि क्षेत्र के संबंधित रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे, कुछ दिनों में ये शुरू हो जाएंगी। इससे पहले डिप्टी सीएम ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि क्षेत्र में जिन रूट्स पर विधायक ने बसें चलाने की बात कही है, उन पर लोकल प्रबंधन से बात कर जल्द हल निकाला जाएगा। शून्यकाल में ही विधायक बलवीर शर्मा की ओर से उठाए सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें आई है और जहां यह चल सकती है, वहां पर सरकार भेज रही है। उन्होंने कहा कि चौपाल क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां दुर्गम है और वहां पर डीजल बसें सरकार भेजेगी। डिप्टी सीएम ने सदन में खराब और कंडम हो चुकी बसों को गिनती न करने की नसीहत भी दी।

फायर सीजन में भी मिले सफेदा कटान की अनुमति

विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सफेदा की फसल को लेकर प्रदेश सरकार की नई अनुमति प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पांवटा, नालागढ़ और नूरपुर सफेदा उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं। नए नियमों के तहत किसानों को पंचायत, पटवारी, बीओडी और वन विभाग के स्तर पर अनुमति लेनी पड़ती है। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन के साथ फोटो भी अपलोड करना होता है। श्री सत्ती ने कहा कि पहले आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं था, लेकिन अब प्रति ट्रक 500 रुपए और प्रति पेड़ 90 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से प्रक्रिया सरल करने की मांग करते हुए उन्होंने फायर सीजन में भी सफेदा की फसल काटने की अनुमति देने की मांग की।

भूमिहीन की बीपीएल पात्रता पर स्थिति स्पष्ट करें

विधायक सुधीर शर्मा ने पूरी तरह से भूमिहीन परिवारों के लिए बीपीएल की पात्रता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग सदन में प्रदेश सरकार के समक्ष रखी। शून्य काल के दौरान उन्होंने सरकार से पूछा कि कि ऐसे परिवारों के लिए हिमाचली नागरिकता के लिए क्या दस्तावेज देने होंगे। उन्होंने आशंका जाहिर कि है कि इसकी आड़ में कहीं प्रवासी भी तो बीपीएल में शामिल न हो जाएं।

रिवालसर में खोला जाए पुलिस थाना

विधायक इंद्र सिंह गांधी ने शून्यकाल में ऊपरी बल्ह क्षेत्र के तहत रिवालसर में पुलिस थाना खोलने की मांग सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और क्षेत्र का दायरा अधिक है। ऐसे में पुलिस चौकी के पांच कर्मचारी व्यवस्था कैसे बना पाएंगे। उन्होंने कहा कि अब चिट्टे का प्रचलन भी बढ़ रहा है।

बिलासपुर सदर के कई क्षेत्रों में बिजली की समस्या

शून्यकाल में विधायक त्रिलोक जम्वाल ने विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या का मामला प्रमुखता के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि बिजली कट की समस्या के चलते पानी की स्कीमें नहीं चल रही और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। बिजली कट का असर रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने मामले को संबंधित विभाग को भेजने की बात कही।


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