जम्मू-कश्मीर में लागू हुई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026, 2032 तक 1.40 लाख EV उतारने का लक्ष्य

By: Oct 1st, 2026 4:42 pm

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 लागू की है। इसके तहत केंद्र शासित प्रदेश में स्वच्छ, किफायती और मौसम के अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में बदलाव को तेज करने के लिए छह साल का रोडमैप तैयार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी के बाद इस नीति को अधिसूचित किया गया। उन्होंने बताया कि 2026 से 2032 की अवधि वाली इस नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने, चार्जिंग ढांचे को मजबूत करने और प्रदेश के सभी 20 जिलों में इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। इसके तहत 2032 तक 1.40 लाख इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मांग आधारित प्रोत्साहन, जलवायु के अनुरूप बुनियादी ढांचा, बिजली ग्रिड के साथ एकीकरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, कौशल विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा।

रणनीतिक बुनियादी ढांचा रोडमैप के तहत नीति में 900 सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र स्थापित करने का प्रावधान है। इनमें शहरी बिजली ग्रिड और राजमार्ग गलियारों के साथ 140 फास्ट-चार्जिंग केंद्र शामिल होंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुकूल पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। भवन उपनियमों के तहत पार्किंग क्षमता के 20 प्रतिशत हिस्से को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार रखना अनिवार्य होगा।

जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीति में विशेष शीतकालीन परीक्षण प्रोटोकॉल शुरू किया गया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रदर्शन का सर्दियों में परीक्षण किया जाएगा, विशेष रूप से बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान में संचालन के लिए। नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग से बढ़ने वाली बिजली की मांग को बिजली व्यवस्था के साथ सुनियोजित तरीके से जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में 36 महीने तक के इलेक्ट्रिक वाहन ऋण पर तीन से पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। पात्र लाभार्थियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीद की लागत कम करने के उद्देश्य से अधिक सहायता भी दी जाएगी। नीति में पुराने वाहनों को हटाकर उनकी जगह स्वच्छ इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए स्क्रैपेज से जुड़े प्रोत्साहन का भी प्रावधान है। इसके लिए हर वर्ष 50 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया जाएगा।

नीति में शुरुआती तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वाले पहले 15,800 पात्र लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत नीति में निर्धारित पात्रता और शर्तों के अनुसार पहले 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए 15 लाख रुपये, पहली 1,500 निजी कारों के लिए एक लाख रुपये और पहले 10,000 दोपहिया वाहनों के लिए 5,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। नीति में चरणबद्ध तरीके से वाहनों के बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने, चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार, निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी और उभरते इलेक्ट्रिक वाहन तंत्र को सहयोग देने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की भी परिकल्पना की गई है।

अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 को अधिसूचित किए जाने पर परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और परिवहन विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नीति जम्मू-कश्मीर के विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र और ठंडे मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ परिवहन को आगे बढ़ाने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा उपलब्ध कराती है। इस अधिसूचना के साथ अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार की छह वर्षीय रणनीति औपचारिक रूप से लागू हो गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छ परिवहन की ओर बदलाव को आगे बढ़ाना, सहायक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और इलेक्ट्रिक परिवहन क्षेत्र में नए अवसर पैदा करना है।


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