पंजाब में 429.30 करोड़ का जीएसटी फर्जीबाड़ा, एफआईआर दर्ज, ट्रांसपोर्टर समेत कई आरोपी नामजद
62 फर्जी फर्मों के जरिए 2,410.22 करोड़ के लेनदेन में गड़बड़; एफआईआर दर्ज, ट्रांसपोर्टर समेत कई आरोपी नामजद
निजी संवाददाता- चंडीगढ़
पंजाब के वित्त एवं कराधान मंत्री हरपाल ङ्क्षसह चीमा ने बुधवार को 429.30 करोड़ रुपए की कथित जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। इस मामले में 2,410.22 करोड़ रुपए कर योग्य लेनदेन में गड़बड़ी का संदेह है। जांच के दौरान विभिन्न राज्यों में संचालित 62 कथित फर्जी फर्मों का पता चला है, जिनमें से 25 पंजाब में हैं। वित्त एवं कराधान मंत्री हरपाल ङ्क्षसह चीमा ने बताया कि राज्य खुफिया एवं निवारक इकाई (एसआईपीयू) से मिली जानकारी के आधार पर लुधियाना के डिवीजन नंबर-4 थाने में 13 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। मामले में श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हर्ष थापर, सैमी धीमान, जस और अन्य सहयोगियों को नामजद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, मामले की जांच 30 सितंबर को उस समय शुरू हुई, जब एसआईपीयू, लुधियाना के एक राज्य कर अधिकारी ने दिल्ली से पंजाब आ रहे एक वाहन को रोका।
वाहन के साथ मौजूद ई-वे बिल और चालान में पंजाब की तीन कंपनियों को माल की आपूर्ति दर्शाई गई थी। हालांकि, संबंधित कंपनियों ने संपर्क किए जाने पर माल का ऑर्डर देने या खरीदने से इनकार कर दिया। श्री चीमा ने बताया कि इसके बाद ई-वे बिल और आंकड़ों के विश्लेषण से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये माल की आवाजाही और कर धोखाधड़ी के नेटवर्क का पता चला। विभाग के अनुसार, यह नेटवर्क मुख्य रूप से वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान सक्रिय था। ट्रांसपोर्टर पर अन्य संस्थाओं से फर्जी चालान प्राप्त करने और ई-वे बिल के भाग-बी को भरकर इस गतिविधि में सहायता करने का आरोप है। वित्त मंत्री ने बताया कि मामले की आपराधिक जांच पुलिस को सौंप दी गई है।
ब्याज औैर जुर्माने की वसूली के दिए निर्देश
साथ ही, कराधान विभाग को नेटवर्क से जुड़ी लाभार्थी फर्मों की जांच करने, अनुचित तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट का आकलन करने तथा बकाया कर, ब्याज और जुर्माने की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। श्री चीमा ने कहा कि सरकार कर चोरी के मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने या उनका इस्तेमाल कर कर चोरी करने वालों के साथ-साथ जानबूझकर ऐसी गतिविधियों में सहयोग देने वाले को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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