तेल के खेल का अमरीका कायल, अमरीकी विदेश मंत्री बोले, स्रोतों की विविधता भारत की सफल रणनीति

By: Oct 23rd, 2026 12:08 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत का तीन दिवसीय दौरा पूरा कर अमरीका वापस लौट गए हैं। हालांकि, स्वदेश रवाना होने से पहले मार्को रुबियो ने भारत की तेल आयात की रणनीति पर बड़ी बात कही है। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अमरीका की लड़ाई और अमरीका व पाकिस्तान के रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता रखे हुए है और यह उसकी सफल रणनीति है। उन्होंने दोटूक कहा कि भारत का यह विविधता भरा कदम उसके अपने हितों से प्रेरित है, न कि अमरीकी दबाव के कारण ऐसा है। एक तरह से भारत की तेल आयात नीति की तारीफ करते हुए रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि किसी एक ही आपूर्तिकर्ता पर बहुत अधिक निर्भर रहने से देशों के लिए आपूर्ति में रुकावट आने का खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए टैरिफ की ओर भी इशारा किया, जो नाकाम रहा था। एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि भारत ने अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की दिशा में काफी प्रगति की है। ऐसा उसने किसी धमकी या इस तरह के किसी दबाव के कारण नहीं किया है। यह मुद्दा भारत के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के साथ मतभेद रहे हैं।

आतंकवाद पर अमरीका-भारत की चिंताएं समान

आतंकवाद के मुद्दे पर मार्को रुबियो ने कहा कि इसको लेकर दोनों देशों (अमरीका और भारत) की चिंताएं एक जैसी हैं। मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्ता किसी भी तरह भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है और वॉशिंगटन और नई दिल्ली आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं रखते हैं। रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन के ग्लोबल हितों के लिए उसे दुनिया भर के देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने की जरूरत है, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान के साथ भी अमरीका के लंबे समय से रिश्ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते रिश्ते वॉशिंगटन को अलग-अलग मुद्दों पर इस्लामाबाद के फैसलों पर असर डालने में ज्यादा फायदा दे सकते हैं।


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