गेयटी में सजे कला के रंग, कैनवास पर उतरे सपने

By: Oct 7th, 2026 12:01 am

‘फेमिंग ड्रीम्स’ में 13 कलाकारों की 80 कलाकृतियां बनीं आकर्षण; प्रकृति और आध्यात्मिकता विषयों को मिली रचनात्मक अभिव्यक्ति

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
गेयटी थिएटर में कला और संस्कृति की नगरी शिमला में तीन दिवसीय राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी ‘फ्रेमिंग ड्रीम्स’ का आयोजन शुरू हो गया है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 5 अक्टूबर को हुआ, जो 7 अक्टूबर तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 13 प्रसिद्ध कलाकारों की 75 से 80 उत्कृष्ट कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। हरियाणा के हिसार, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों की कलाकृतियां शामिल हैं। प्रदर्शनी में कलाकारों ने प्रकृति, आध्यात्मिकता और विभिन्न विचारों को अलग-अलग कला माध्यमों के माध्यम से प्रस्तुत किया है। प्रदर्शनी में वरिष्ठ कलाकार मयंक व्यास की कलाकृतियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। उनकी कला में बर्फ से ढकी पहाडिय़ों, अमूर्त कला, जलप्रपात और सिटी स्काईलाइन जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है।

वहीं, हिसार के कलाकारों की धार्मिक एवं पारंपरिक विषयों पर आधारित पेंटिंग्स भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी में शुरुआती कला संग्रहकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ कला पारखियों तक के लिए कलाकृतियां उपलब्ध हैं। पेंटिंग्स की कीमत 8,000 रुपये से शुरू होकर 70,000 रुपए तक रखी गई है। प्रदर्शनी में सुबह 11 बजे से शाम 7:30 बजे तक कला प्रेमी पहुंचकर कलाकृतियों का अवलोकन कर सकते हैं। आयोजकों ने शहरवासियों और पर्यटकों से प्रदर्शनी में पहुंचकर कलाकारों की रचनात्मकता को देखने की अपील की है। हिसार से आए कलाकारों की कलाकृतियों में धार्मिक और पौराणिक विषयों को प्रमुखता से उकेरा गया है। कलाकारों ने अपनी कल्पनाशीलता और रंगों के माध्यम से भगवान बुद्ध, श्रीकृष्ण और भगवान हनुमान से जुड़े प्रसंगों को कैनवास पर जीवंत रूप दिया है। इन चित्रों में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और पौराणिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलती है। अलग-अलग रंगों और चित्रांकन शैली के माध्यम से कलाकारों ने इन धार्मिक पात्रों के भाव और व्यक्तित्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

माध्यम बदलें, तो बदलता है कला का अंदाज

वरिष्ठ कलाकार मयंक व्यास ने कहा कि विचारों और भावनाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने के लिए कलाकार का विभिन्न माध्यमों के साथ प्रयोग करना जरूरी है। हर माध्यम की अपनी विशेषता होती है, जो रचनाकार को अपनी बात नए और सृजनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि कला किसी एक माध्यम तक सीमित नहीं है। समय के साथ नए माध्यमों को अपनाने से अभिव्यक्ति के दायरे का विस्तार होता है और रचना को दर्शकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।


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