भाजपा की गुटबाजी से दिल्ली भी परेशान, सीएम सुक्खू का दावा, लोन पर झूठे आंकड़े दे रहे नेता प्रतिपक्ष

By: Oct 24th, 2026 12:01 am

वरिष्ठ संवाददाता — शिमला

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एक मर्तबा फिर भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा वार किया है। उन्होंने कहा कि यह जनता तय करेगी कि हिमाचल में अगली सरकार किसकी होगी। सरकार का अभी 13 महीनों का कार्यकाल शेष है और जनता सब कुछ जानती है। मुख्यमंत्री ने गुटबाजी के सवाल पर कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। उनके गुट से नेता छिटक कर दूसरे गुट में जा रहे हैं और इससे दिल्ली भी परेशान है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटें पिछली बार के मुकाबले कम होंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के मौजूदा 28 विधायकों में से 16 विधायक दोबारा जीत हासिल नहीं कर पाएंगे।

ऋण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष खुद कह रहे है कि प्रदेश पर एक करोड़ बीस लाख का कर्ज है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष झूठ बोलते है और प्रदेश पर वर्तमान में 99564 करोड़ का ऋण है। सचिवालय में हुई प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक केवल सिंह पठानिया, शिमला से कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा, मुख्य सचिव केके पंत और वित्त सचिव देवेश कुमार आदि मौजूद थे।

पूर्व भाजपा सरकार ने 43,261 करोड़ ऋण लिया, हमने सिर्फ 37,118 करोड़

सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपनी सरकार के कर्ज को भूल गए है। सीएम ने सवाल उठाया कि पूर्व सरकार द्वारा लिए कर्ज से क्या किया। पूर्व सरकार प्रदेश पर 76633 करोड़ का कर्ज छोड़ कर गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने वर्ष 2017-18 से 2022-23 तक 43,261 करोड़ का ऋण उठाया, जबकि वर्तमान सरकार ने वर्ष 2023 से 22 अक्तूबर 2026 तक 37,118 करोड़ का कर्ज लिया है।

आरडीजी बंद न होती, तो जल्द आत्मनिर्भर बन जाता हिमाचल

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी मुआवजा और राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद कर दिया है। इससे राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि इन बदलावों से प्रदेश के बजट में करीब 40 फीसदी की कमी आई और बजट का आकार घटकर लगभग 54 हजार करोड़ रुपए रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले प्रदेश को वैट और आबकारी कर के रूप में हर साल लगभग 4,000 करोड़ रुपए प्राप्त होते थे। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला जीएसटी मुआवजा भी जून 2022 में बंद हो गया।


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