बिझड़ी-घोड़ीधबीरी सडक़ पर अतिक्रमण का बोलबाला

By: Oct 9th, 2026 12:54 am

प्रशासन बना मूकदर्शक, हादसों को न्योता दे रहे रेत-बजरी के ढेर और अवैध निर्माण
निजी संवाददाता-बड़सर
उपमंडल बड़सर के अंतर्गत ग्रामीण व मुख्य संपर्क मार्गों के किनारे होने वाला अवैध अतिक्रमण लगातार विकराल रूप धारण करता जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी रोष है। ताजा मामला बिझड़ी से वाया महारल घोड़ीधबीरी मुख्य सडक़ मार्ग का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर सरेआम सरकारी जमीनों को निशाना बनाया जा रहा है। इस व्यस्त मार्ग के किनारे जगह-जगह बेतरतीब ढंग से बिछाए गए रेत, बजरी और पत्थरों के ढेरों के कारण सडक़ की चौड़ाई आधी रह गई है। इसके अलावा, सडक़ के दोनों ओर कबाड़ हो चुके और खराब वाहनों को स्थायी रूप से खड़ा कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि अतिक्रमणकारियों और विभागीय फील्ड स्टाफ के बीच कथित आंतरिक सांठगांठ के चलते ही यह मार्ग दिन-प्रतिदिन सिकुड़ता जा रहा है।

तीखे मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहनों को जगह न मिलने के कारण यहां हर समय किसी बड़े हादसे या जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। सडक़ मार्ग पर कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों द्वारा पक्का अवैध निर्माण भी किया गया है। इस पूरे बेल्ट में हिमाचल सरकार के स्वामित्व वाली लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग की कीमती भूमि पर रसूखदारों ने पूरी तरह से डाका डाल दिया है। सरकारी भूमि की सीमाओं का खुलेआम उल्लंघन करते हुए कइयों ने तो सडक़ की जद में ही पक्के बरामदे, पक्के आंगन और घरों के लेंटर के छज्जे बाहर हवा में निकालकर अवैध कब्जे जमा लिए हैं। हैरानी और विडंबना की बात यह है कि क्षेत्र के कुछ जागरूक नागरिकों द्वारा विशिष्ट व संवेदनशील जगहों पर नामजद औपचारिक शिकायतें दर्ज करवाई गईं, लेकिन इसके बावजूद आज दिन तक धरातल पर कोई भी ठोस या दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

अधिकारी के बोल
इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग, बड़सर के अधिशासी अभियंता अरविन्द लखनपाल ने बताया कि उक्त मामला उनके ध्यान में है। इस विषय में संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को तुरंत मौके का निरीक्षण कर एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


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