HRTC से 366 बसों की विदाई, 15 साल या 9 लाख KM चल चुकी गाड़ियां बेड़े से होंगी बाहर

By: Oct 10th, 2026 5:34 pm

जय ठाकुर—शिमला

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एचआरटीसी अपने पुराने बस बेड़े की विदाई और नई बसों की एंट्री की तैयारी में है। निगम की 15 साल पुरानी और नौ लाख किलोमीटर का सफर पूरा कर चुकी 366 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से बेड़े से बाहर किया जाएगा। इन बसों की नीलामी के बाद नई बसों की खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का दायरा बढ़ाने के लिए चार्जिंग नेटवर्क पर सरकार 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी। इसके साथ ही 250 नई डीजल बसें खरीदने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने की तैयारी है। यानी एचआरटीसी के सामने एक ओर पुराने वाहनों को हटाकर बेड़ा दुरुस्त करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर बढ़ते घाटे के बीच परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की कवायद भी तेज हो रही है।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को गति देने के लिए प्रदेश में चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए सरकार 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी। इससे पहले ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर 110 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस तरह चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। चार्जिंग स्टेशन बढऩे से प्रदेश के विभिन्न रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आसान होने की उम्मीद है। पहाड़ी क्षेत्रों में ई-बसों के संचालन के लिए पर्याप्त चार्जिंग सुविधाएं विकसित करना परिवहन व्यवस्था के विद्युतीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

घाटे के बीच ग्रांट बढ़ाने की मांग
एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना निगम प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निगम का घाटा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार से वार्षिक ग्रांट को 58 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 71 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग पर प्रति यूनिट लगने वाले पर्यावरण उपकर को हटाने की मांग भी उठाई गई है। इससे ई-बसों के संचालन की लागत कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

कुल्लू दशहरा के लिए अतिरिक्त बसें
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एचआरटीसी दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार और बद्दी से हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त बसें चलाएगा। इससे त्योहार के दौरान यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ग्रीन हाइड्रोजन पर भी नजर
सरकार एचआरटीसी को आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के साथ परिवहन क्षेत्र में प्रदूषण कम करने पर भी जोर दे रही है। इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के अलावा ग्रीन हाइड्रोजन जैसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। पुराने वाहनों की जगह नए बस बेड़े को शामिल करने की योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।


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