ट्रंप के नाम पर होगा प्रशांत महासागर-अटलांटिक का नाम, अमरीकी राष्ट्रपति के दिमाग में एक और खुराफाती आइडिया
होर्मुज को भी ट्रंप स्ट्रेट करने कोकहा था
एजेंसियां— वाशिंगटन
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलने की बात कर रहे हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलकर ट्रंप ओशन या ओशन ऑफ द अमेरिकाज रखा जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि उनके पद छोडऩे से पहले ही अमरीका के पास महासागर और एक बड़ी नदी होनी चाहिए। टेनेसी के क्लाक्र्सविले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने यह सुझाव दिया। उन्होंने हडसन नदी का नाम बदलने की संभावना को खारिज किया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट करने की बात भी चर्चा में है। इस रैली में ट्रंप ने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर भी बड़ा वादा किया।
उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत हासिल करती है, तो वह हर वयस्क अमरीकी नागरिक को पांच हजार डॉलर देंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से मतदान करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने उन रुझानों को बदलने की भी उम्मीद जताई। ट्रंप ने रैली में यह भी दावा किया कि अमेरिका को वेनेजुएला से अरबों डॉलर का तेल मिल रहा है। ट्रंप ने ईरान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, वे (ईरान) कुछ हद तक शांत हो रहे हैं. वे शायद चुनाव से पहले कुछ और करेंगे, यह सोचकर कि इससे हमें नुकसान होगा, लेकिन हम इसे बहुत तेज़ी से खत्म कर सकते हैं।
यूके्रन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूके्रन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए कहा है कि अब यूके्रन को नया नेता चुनना चाहिए, जो रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौता कर सके। दूसरी ओर, ट्रंप ने रूस से लाखों टन डीजल खरीदने का भी ऐलान किया है। यूके्रन ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रूस को ऊर्जा से होने वाली कमाई बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे वह युद्ध के लिए हथियार खरीद सकेगा। इसी बीच, यूके्रन में रूसी हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है। ट्रंप ने कहा कि मेरा सुझाव है कि उन्हें ऐसा नया नेता चुनना चाहिए, जो समझौता कर सके। किसी वजह से जेलेंस्की ऐसा कभी नहीं करते। ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह 2022 में राष्ट्रपति होते, तो रूस-यूके्रन युद्ध शुरू ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि रूस और यूके्रन के बीच युद्ध की कोई वजह नहीं थी।
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