बच्चे को छोड़ 70 किमी दूर नयनादेवी पहुंचे श्रद्धालु
सूचना मिलने पर अंब पुलिस ने बालक को अपनी देखरेख में लिया। परिजनों के किया हवाले
स्टाफ रिपोर्टर-अंब
यूपी से हिमाचल में धार्मिक यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की छोटी सी लापरवाही उस समय भारी पड़ गई, जब वे अपने साथ आए सात वर्षीय बालक को धुसाड़ा स्थित चाय की दुकान पर छोडक़र करीब 70 किलोमीटर दूर नैनादेवी मंदिर पहुंच गए। बालक के परिजनों से बिछडऩे की सूचना मिलने के बाद अंब पुलिस ने उसे सुरक्षित अपनी देखरेख में लिया और बाद में परिजनों से संपर्क कर बच्चे को उनके हवाले किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के गांव अमराई निवासी अजितपाल और उसकी पत्नी संगीता अपने बच्चों तथा गांव के अन्य लोगों के साथ टेंपो ट्रैवलर से हिमाचल आए थे। मंगलवार को ज्वालाजी और चिंतपूर्णी में शीश नवाने के बाद श्रद्धालु नैनादेवी मंदिर के लिए रवाना हुए।
इसी दौरान अंब मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर धुसाड़ा में स्थित एक चाय की दुकान पर सभी लोग कुछ खाने-पीने के लिए रुके। चाय पीने के बाद सात वर्षीय संतनू पाल लघुशंका के लिए चला गया। इसी बीच अन्य श्रद्धालु उसे भूलकर टेंपो ट्रैवलर में बैठकर नैनादेवी के लिए रवाना हो गए। जब बालक वापस दुकान पर पहुंचा तो वहां परिजनों को न देखकर रोने लगा। दुकान मालिक गुरपाल सिंह ने बच्चे को ढांढस बंधाया और करीब आधे घंटे तक परिजनों के वापस आने का इंतजार किया। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने बच्चे को अपनी देखरेख में लेकर उससे परिजनों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि पहली कक्षा में पढऩे वाले बालक ने अपना पता लिखकर पुलिस को दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया। परिजन वापस अंब पहुंचे और पुलिस से संपर्क कर बच्चे को सुरक्षित अपने साथ ले गए। डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया कि बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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