बर्फबारी से चमकी हिमाचल की किस्मत, पर्यटन उद्योग में आई बहार, शिमला से त्रिउंड तक सैलानियों का तांता
मानसून ने देवभूमि को मायूसी, सूनेपन और करोड़ों के नुकसान का दर्द दिया था, कुदरत ने अब उसी मौसम के जरिए हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आई है। हिमाचल के सफेद सोने ने मानो पहाड़ों की किस्मत ही पलट कर रख दी है। जिस मौसम की मार से कुछ वक्त पहले तक हिमाचल का पर्यटन उद्योग कराह रहा था, आज वही मौसम प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा वरदान बन गया है। सफेद सोने की यह पहली चमक न सिर्फ पहाड़ों की खूबसूरती में चार चांद लगा रही है। बर्फ से ढके पहाड़ों को करीब से निहारने की चाह सैलानियों को मनाली की ओर आकर्षित कर रही है।
मशहूर पर्यटन स्थल रोहतांग दर्रे में बीती रात को ताजा हिमपात हुआ है। रात भर हुई बर्फबारी के बाद सुबह होते ही रोहतांग का नजारा खिल उठा। सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों को देखने के लिए पर्यटक सुबह से ही रोहतांग की ओर रवाना होने लगे है। हिमपात की खबर मिलते ही मनाली में पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। ऐसे में मनाली में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। रोहतांग पहुंची महिला पर्यटन कारोबारियों ने बताया कि ताजा बर्फबारी से रोहतांग दर्रा निखर उठा है। बर्फ का आनंद लेने के लिए पर्यटक सुबह सात बजे से ही रोहतांग पहुंचने शुरू हो गए हैं। ठंड के बावजूद पर्यटकों में बर्फ को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। होटल कारोबारी ने कहा कि वीकेंड और बर्फबारी के चलते होटलों की ऑक्यूपेंसी में बढ़ोतरी हुई है। कुल्लू-मनाली में हाल के आंकड़ों के अनुसार हर दिन 25,000 से अधिक सैलानी पहुंच रहे हैं और होटलों की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक (कुछ प्रमुख होटलों में वीकेंड पर 95% तक) दर्ज की गई है। जिले में हर रोज करीब 4,500 पर्यटक वाहन पहुंच रहे हैं। और इस बीच आज पर्यटन नगरी मनाली के सोलंगनाला में पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्री वर्ल्ड कप का आगाज हुआ है। जिससे पर्यटकों को मनाली के आसमान में रोमांच देखने को मिलेगा। 9 से 12 अक्टूबर तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के अलावा तुर्किये, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, चीन और नेपाल के पैराग्लाइडिंग पायलट हिस्सा लेंगे। प्री वर्ल्ड कप के चलते भी पर्यटन नगरी मनाली में रौनक बढ़ गई है। इसके आलावा मणिकरण, कसोल , सिसु में संख्या में प्रयटक पहुंच रहे है। प्रदेश के अन्य टूरिज्म प्लेसेस में भी भीड़ देखने को मिल रही। राजधानी शिमला में पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है और कुछ दिन पहले हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित प्रसिद्ध त्रिउंड ट्रैक पर वीकेंड के दौरान भारी भीड़ उमड़ी थी। करीब 4000 टूरिस्ट पहली बार त्रिउंड पहुंचे और इसके काफी ज्यादा वीडियो भी वायरल हुए जिसे भीड़ का अंदाजा लगाया है – इससे ट्रैक पर पर्यटकों के दबाव और व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई। जिसके बाद पर्यटकों की भारी भीड़ के बाद वन विभाग ने पर्यटकों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया है। अब त्रिउंड ट्रैक पर प्रतिदिन अधिकतम एक हजार पर्यटकों को ही जाने की अनुमति है।
—–देखिए पहाड़ जब सफेद बर्फ की चादर ओढ़ते है, तो वह सिर्फ पर्यटकों के चेहरों पर ही मुस्कान नहीं लाते, बल्कि उन स्थानीय कारोबारियों की जिंदगी में भी बहार ले आती है जिनकी पूरी आजीविका पर्यटन पर टिकी है। इस बार की शुरुआती बर्फबारी ने मौसम के मिजाज को तो बदला ही है, साथ ही पर्यटन उद्योग के ठहरे हुए पहियों को भी सुपर-स्पीड दे दी है। इस शुरुआती बर्फबारी ने स्थानीय आर्थिकी के हर एक पहिए को गति दे दी है। बर्फबारी की खबर मिलते ही पर्यटकों ने वीकेंड और छुट्टियों के लिए धड़ाधड़ बुकिंग शुरू कर दी है। जिन होटलों में ऑक्यूपेंसी रेट बेहद कम था, वह रातों-रात 80% से 100% तक पहुंच गया है। स्थानीय होमस्टे संचालकों को भी इसका पूरा लाभ मिल रहा है। इसके आलावा स्थानीय टैक्सी चालकों और फोर-व्हील ड्राइव वाहन मालिकों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। आवाजाही बढ़ने से उनकी आमदनी में सीधे तौर पर भारी उछाल आया है।
कड़ाके की ठंड और बर्फ के बीच पर्यटकों की पहली पसंद गर्म कॉफी, चाय, मैगी और पहाड़ी व्यंजन बन जाते हैं। इससे ढाबा मालिकों, कैफे और रेस्तरां संचालकों का व्यापार कई गुना बढ़ गया है, जिससे छोटे दुकानदारों की भी अच्छी खासी कमाई हो रही है। इस बूम का फायदा स्थानीय छोटे दुकानदारों, ऊनी कपड़ों के विक्रेताओं और लोकल हैंडीक्राफ्ट बेचने वालों को भी मिल रहा है। पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। होटल कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी सैलानियों का आना जारी रहेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मैदानी इलाकों से पहुंच रहे पर्यटक यहां के ठंडे मौसम और बर्फ से ढके पहाड़ों का आनंद लेने के लिए उत्साहित हैं। पर्यटक मनाली आने के दौरान आसपास के पर्यटन स्थलों को भी अपनी यात्रा में शामिल कर रहे हैं। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में पर्यटकों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए और सड़क व मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही आगे की यात्रा करनी चाहिए।
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