सिखों के पवित्र हिमालयी तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुण्ड साहिब गुरुद्वारा के कपाट विधि-विधान के साथ शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। चारों ओर जमी बर्फ के बीच कपाट बंद होने के अवसर पर हजारों भारतीय श्रद्धालुओं के साथ पाकिस्तान से आये 40 पाकिस्तानी श्रद्धालु भी मौजूद रहे। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने पर सिख धर्म की सभी प्रक्रिया विधि विधान से सम्पन्न हुई। इस अवसर पर सेना के बैंड की मधुर धुनों, शबद-कीर्तन और अंतिम अरदास के बीच माहौल आस्था से भर गया। सेवा, आस्था, श्रद्धा और समर्पण के साथ इस वर्ष की यात्रा का समापन हुआ।
23 मई से शुरू हुई पवित्र सिक्ख धाम श्री हेमकुण्ड साहिब की यात्रा में प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सर्वाधिक तीन लाख 84 हजार 573 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र धाम में मत्था टेका। कपाट बंद होने से पहले प्रातः सुखमणी साहिब के पाठ से धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। फिर शबद-कीर्तन हुआ और दोपहर यात्रा की अंतिम अरदास की गई। इसके पश्चात हुक्मनामा लेकर गुरु ग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुवाई में सेना के बैंड की मधुर एवं गौरवशाली धुनों के बीच दीवान हॉल से सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया। श्री हेमकुण्ड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा और गोविन्द घाट गुरुद्वारा के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद किये गए।
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