‘रामायणम्’ की दुनिया में गहनों का कमाल

By: Oct 19th, 2026 1:59 pm

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के ऑफिशियल ज्वेलरी पार्टनर ने प्राचीन भारतीय गहनों, पौराणिक कथाओं और पारंपरिक कारीगरी से प्रेरणा लेकर अयोध्या, मिथिला और लंका के लिए अलग-अलग पहचान वाले गहने तैयार किए हैं। रामायणम् के टीज़र और ट्रेलर जैसे-जैसे सामने आने लगे हैं, लोग इसकी विशाल और भव्य दुनिया को करीब से देखने लगे हैं। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में हैं, साई पल्लवी सीता के रूप में और रॉकिंग स्टार यश खतरनाक रावण के किरदार में नजर आ रहे हैं। सिर्फ बड़े-बड़े विजुअल्स और कहानी ही नहीं, बल्कि फिल्म के छोटे-छोटे डिटेल्स इसकी दुनिया को और भी खास बनाते हैं, चाहे वह इसके कैरेक्टर हों, संस्कृति हो या फिर अलग-अलग साम्राज्य। इसी कड़ी में, नमित मल्होत्रा की इस ‘रामायणम्’ के लिए ‘ट्राइब अमरापाली’ को ऑफिशियल ज्वैलरी पार्टनर बनाया गया है। उन्होंने फिल्म के लिए खास तौर पर गहने तैयार किए हैं। उनकी गहरी रिसर्च और बेहतरीन कारीगरी ने अयोध्या, मिथिला और लंका, इन तीनों जगहों की अपनी अलग पहचान और संस्कृति को पर्दे पर एकदम जिंदा कर दिया है।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी ‘रामायणम्’ भारत के सबसे पूजनीय महाकाव्यों में से एक को दो भागों में पेश करने की एक बहुत बड़ी और महत्वाकांक्षी कोशिश है, जिसे IMAX में ग्लोबल लेवल पर रिलीज़ करने की तैयारी है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में हैं, साई पल्लवी सीता के किरदार में, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नज़र आने वाले हैं। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार एक साथ नज़र आ रहे हैं, जहाँ हर किरदार की अपनी खास विरासत, मिज़ाज और इस महाकाव्य में एक अलग जगह है। ट्राइब अमरापाली का काम इस पूरी दुनिया में फैला हुआ है। उन्होंने मुख्य किरदारों, शाही परिवारों, योद्धाओं, दरबारियों, सेवकों, सपोर्टिंग एक्टर्स और भीड़ तक के लिए गहने डिज़ाइन किए हैं। इस तरह उन्होंने तीनों राज्यों (अयोध्या, मिथिला और लंका) के लिए एक जैसी होकर भी बिल्कुल अलग और खास लुक तैयार की है।

18 महीने से भी ज़्यादा समय तक, ट्राइब अमरापाली की डिज़ाइन टीम ने तरंग अरोड़ा की क्रिएटिव लीडरशिप में और फिल्म की क्रिएटिव टीम के साथ मिलकर काम किया। इस दौरान उन्होंने पौराणिक कथाओं, प्राचीन भारतीय आभूषणों, मंदिर कला, मूर्तियों और पारंपरिक गहनों के तौर-तरीकों पर गहरी रिसर्च की। इसका मकसद तीन अलग-अलग डिज़ाइन स्टाइल तैयार करना था, जो भारत की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत से जुड़े रहें और साथ ही फिल्म के भव्य सिनेमैटिक विज़न पर भी बिल्कुल खरे उतरें।

अयोध्या: शाही विरासत की चमक

अयोध्या के गहनों में क्लासिक खूबसूरती देखने को मिलती है, जिसमें सही संतुलन, नाप-तौल और बारीकी से की गई पारंपरिक नक्काशी का खास ध्यान रखा गया है। इन गहनों का डिजाइन एक शाही राज्य की गरिमा और रुतबे को दिखाता है, जहां भव्यता के साथ सादगी का भी पूरा ख्याल रखा गया है।

भगवान राम के गहनों में सूर्य का चिन्ह सबसे खास है, जो उनके सूर्यवंशी होने को दर्शाता है और शक्ति, धर्म और दिव्य तेज का प्रतीक है। धर्म चक्र से प्रेरित गोल आकार के डिजाइन, पवित्रता और दिव्यता से जुड़े कमल के बारीक डिजाइन और खूबसूरती से की गई पारंपरिक नक्काशी मिलकर ऐसे गहने तैयार करते हैं, जो भगवान राम की महानता और उनके आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं। हर गहना एक ऐसी पहचान बनाने में मदद करता है, जो विरासत, खास उद्देश्य और अयोध्या से जुड़े सदियों पुराने प्रतीकों को अपने भीतर समेटे हुए है।

मिथिला: फूलों की कलाकारी की खूबसूरती

अयोध्या के शाही और संतुलित डिजाइन से अलग, मिथिला के गहनों में प्रकृति की नजाकत और पारंपरिक भारतीय गहनों की खूबसूरती देखने को मिलती है। फूलों के डिजाइन, खूबसूरत घुमाव और संतुलित आकार इन गहनों की खासियत हैं, जो इन्हें कोमल और सादगी भरा लुक देते हैं।

सीता के गहनों में फूलों की बारीक डिजाइन और शानदार कारीगरी उनकी स्त्रीत्व, पवित्रता और शांत स्वभाव में छिपी ताकत को दिखाती है। मिथिला की सांस्कृतिक खूबसूरती और रामायण से जुड़े पवित्र बगीचों से प्रेरित इन डिजाइनों में प्रकृति के रूपों और पारंपरिक गहनों की कला को एक साथ जोड़ा गया है। इससे ये गहने खास होने के साथ-साथ मिथिला की पहचान से भी जुड़े हुए लगते हैं। सोच-समझकर चुने गए डिजाइन और बारीक कारीगरी के जरिए मिथिला के गहने अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं, जो अयोध्या की शाही भव्यता और लंका की नाटकीय चमक-दमक से बिल्कुल अलग है।

लंका: शक्ति और नाटकीय कला की भव्यता

लंका के गहनों का डिजाइन ज्यादा दमदार और खास आकार वाला है। इसमें बोल्ड और असमान डिजाइन, नुकीले आकार, नाटकीय लुक और सतह पर की गई बारीक कारीगरी देखने को मिलती है। यहां के गहने ऐसे राज्य की झलक दिखाते हैं, जो शक्ति और शानो-शौकत के लिए जाना जाता है। इन गहनों में रंगों का गहरा अंतर और बारीकी से तैयार की गई डिजाइन इन्हें और भी खास बनाती है।

रावण, कैकसी, मारीच, शूर्पणखा और विद्युतजीव के गहनों में नुकीले आकार और गहरे रंगों के रत्नों का इस्तेमाल किया गया है, जो उनके दमदार व्यक्तित्व, अधिकार और प्रभावशाली मौजूदगी को दिखाते हैं। वहीं, लंका के गहनों में अलग-अलग किरदारों के व्यक्तित्व का भी ध्यान रखा गया है। मंदोदरी और विभीषण के लिए बोल्ड होने के साथ ज्यादा संतुलित डिजाइन और हल्की चमक वाले गर्म रंगों के रत्न चुने गए हैं, जो उनकी समझदारी, संतुलन और अंदरूनी ताकत को दर्शाते हैं। इन अलग-अलग डिजाइनों से यह साफ होता है कि लंका के गहनों में शक्ति को सिर्फ एक ही अंदाज में नहीं दिखाया गया है, बल्कि यहां रहने वाले किरदारों के अलग-अलग व्यक्तित्व और उनकी जटिलताओं को भी जगह दी गई है।

इस कोलैबोरेशन के बारे में बात करते हुए, हाउस ऑफ अमरपाली के क्रिएटिव हेड तरंग अरोड़ा ने कहा, “जब हमें रामायणम् के साथ जुड़ने का मौका मिला, तो सबसे खास बात यही थी कि हमें इस शानदार सफर का हिस्सा बनने के लिए बुलाया गया। हम सभी रामायण की वही कहानी सुनते और देखते हुए बड़े हुए हैं, जिसे हम जानते हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट में इस सदियों पुरानी कहानी को नई पीढ़ी के लिए नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। इसमें आज के बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए रामायण बनने की क्षमता है, जिससे वे जुड़ सकेंगे और जिसे लंबे समय तक याद रखेंगे। इस कोलैबोरेशन को और भी खास बनाने वाली बात यह है कि रामायणम् किसी एक इंसान या ब्रांड से कहीं बढ़कर है। इसकी जड़ें हमारी पौराणिक कथाओं, संस्कृति और आध्यात्मिकता में गहराई से जुड़ी हैं। इतनी गहरी अहमियत रखने वाली और पीढ़ियों को प्रेरित करने की ताकत वाली कहानी में छोटे से हिस्से के तौर पर भी योगदान देना हमारे लिए सच में सम्मान की बात है।”

रामायणम् के मेकर्स ने कहा, “रामायणम् में हर क्रिएटिव फैसले के पीछे कहानी को असली और खास मकसद के साथ पेश करने की सोच रही है। ट्राइब अमरपाली के गहने इस सोच को पर्दे पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। हर गहने को इस तरह सोच-समझकर डिजाइन किया गया है कि वह किरदार के व्यक्तित्व, विरासत और उसके सफर में होने वाले बदलावों को दिखाए। इससे ये गहने किरदारों की विजुअल पहचान का जरूरी हिस्सा बन जाते हैं। ये गहने सिर्फ सजने-संवरने के लिए नहीं हैं, बल्कि कहानी के साथ इस तरह जुड़े हैं कि फिल्म की दुनिया को ऐसा बनाया जा सके, जो समय से परे हो और दर्शकों को अपने भीतर खींच ले।”

क्रिएटिव प्रोसेस के बारे में बात करते हुए अरोड़ा ने आगे कहा, “रामायणम् के लिए गहने डिजाइन करना हमारे सबसे ज्यादा बारीकियों वाले और क्रिएटिव तौर पर समृद्ध सफर में से एक रहा है। चुनौती सिर्फ गहने बनाने की नहीं थी, बल्कि इतने बड़े संसार के अलग-अलग किरदारों के लिए एक पूरी विजुअल पहचान तैयार करने की थी। हर किरदार की अपनी पहचान, भावनाएं और सफर है। इस पूरी प्रक्रिया में गहरी रिसर्च और कलात्मक सोच के बीच संतुलन बनाना जरूरी था, ताकि हर डिजाइन, बनावट और छोटी से छोटी चीज का अपना मतलब हो और साथ ही वह फिल्म की सिनेमाई सोच के मुताबिक भी हो।”

भारतीय कारीगरी का एक शानदार सफर

तीनों राज्यों के गहनों को असल रूप देने के लिए रिसर्च, डिजाइन की कल्पना, स्केच तैयार करने, सही मटेरियल चुनने, मॉडल बनाने, कारीगरी, गहनों को जोड़ने और आखिर में फिनिशिंग तक की पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से काम किया गया। हर गहने को उस किरदार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया, जिसके लिए वह बनाया जा रहा था। साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखा गया कि वह अपने राज्य की विजुअल पहचान में कैसे फिट बैठता है और फिल्म की पूरी कहानी में उसकी क्या भूमिका है।

फिल्म के पहले पार्ट के लिए ही ट्राइब अमरपाली ने गहनों के 4,500 से ज्यादा अलग-अलग पीस तैयार किए। इस काम को पूरा करने के लिए डिजाइनर्स, माहिर कारीगरों, मॉडल बनाने वालों, कुशल शिल्पकारों और प्रोडक्शन टीमों ने कई दिनों और रातों तक लगातार मेहनत की। इतने बड़े स्तर पर गहने तैयार करने के लिए सिर्फ हजारों गहने बनाना ही काफी नहीं था, बल्कि हर गहने की कारीगरी और डिजाइन में एक जैसा स्तर बनाए रखने के साथ-साथ हर पीस की अपनी अलग पहचान को भी बरकरार रखना जरूरी था।

पूरी फिल्म में गहनों को खूबसूरत बनाने के लिए धातु पर पारंपरिक तरीके से काम किया गया है और बारीक डिजाइन बनाए गए हैं। गहनों पर उभरी हुई नक्काशी, बारीक डिजाइन, जालीदार पैटर्न और छोटे-छोटे दानों जैसी बनावट का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इनमें और खूबसूरती और गहराई आई है। शाही किरदारों के लिए बनाए गए खास गहनों से लेकर दूसरे कलाकारों और बड़े समूहों के लिए तैयार किए गए गहनों तक, हर गहना फिल्म की कहानी को पर्दे पर दिखाने में अहम भूमिका निभाता है।

यह कोलैबोरेशन यह भी दिखाता है कि भारतीय कारीगर हमारी सांस्कृतिक विरासत को आज की पीढ़ी तक पहुंचाने में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। गहने बनाने की पीढ़ियों पुरानी कला और जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, इस काम में पारंपरिक तरीकों को नए क्रिएटिव अंदाज के साथ जोड़ा गया है। इससे ऐसी दुनिया तैयार हुई है, जिसमें भारतीय कारीगरी की गहरी झलक देखने को मिलती है और जो एक बड़े स्तर की ग्लोबल फिल्म की जरूरतों के हिसाब से भी तैयार की गई है।

ट्राइब अमरपाली के लिए रामायण सिर्फ एक फिल्म के साथ जुड़ने का मौका नहीं है, बल्कि इसके जरिए गहनों को किसी की पहचान, संस्कृति और कहानी बयां करने के तरीके के तौर पर दिखाने का मौका भी है। साथ ही, यह भारत की अलग-अलग कलाओं और परंपराओं की खूबसूरती को भी सामने लाता है। अयोध्या की शाही विरासत और चमक से लेकर मिथिला के फूलों वाले नाजुक डिजाइनों और लंका के दमदार और भव्य गहनों तक, इन गहनों के जरिए एक ही महाकाव्य में तीन अलग-अलग दुनिया दिखाई गई हैं।

नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही ‘रामायणम्’ को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने आठ बार ऑस्कर जीत चुकी कंपनी DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म को दो पार्ट में बनाया जा रहा है। इसका पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर में रिलीज होगा, जबकि दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में आएगा। फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी। इसे आईमैक्स में भी देखा जा सकेगा। सोनी पिक्चर्स भारत को छोड़कर दुनियाभर में फिल्म को रिलीज करेगी, जबकि हिंदी भाषी बाजार में इसके डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी धर्मा प्रोडक्शंस संभालेगा।

ट्राइब अमरपाली के बारे में

मार्च 2013 में एक ई-स्टोर के रूप में शुरू हुआ ट्राइब अमरपाली पारंपरिक लोककथाओं और संस्कृति को आज के नए और आकर्षक अंदाज में पेश करता है। अमरपाली ब्रांड से ही निकला ट्राइब अमरपाली अपने अलग डिजाइन और नए प्रयोगों के जरिए ऐसे गहने तैयार करता है, जो मॉडर्न होने के साथ-साथ किफायती भी हैं। ब्रांड का मुख्य फोकस चांदी, गोल्ड-प्लेटेड चांदी और फैशन ज्वेलरी पर है।

अलग-अलग प्रतीकों और पहचान से जुड़े ट्राइब अमरपाली के डिजाइन भारत की समृद्ध और मिट्टी से जुड़ी संस्कृति से प्रेरित हैं। इसके गहने किसी स्थानीय लोककथा की तरह अपनी एक अलग कहानी सुनाते हैं, जिसमें विविधता और नएपन की झलक देखने को मिलती है।

वेबसाइट: [www.tribeamrapali.com](http://www.tribeamrapali.com)

इंस्टाग्राम: @tribebyamrapali

रामायणम् के बारे में

नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही ‘रामायणम्’ को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने आठ बार ऑस्कर जीत चुकी कंपनी DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। दो पार्ट में बन रही यह फिल्म दुनियाभर में आईमैक्स में रिलीज होगी। इसका पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज होगा।


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