हिमाचल के शहरों में भी चलेगी मनरेगा

By: May 3rd, 2020 12:51 am

जयराम ठाकुर मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना को दी मंजूरी

शिमला-जयराम मंत्रिमंडल ने मनरेगा की तर्ज पर शहरों में रोजगार के फाटक खोले हैं। कर्फ्यू के बीच सरकार ने लॉकडाउन से प्रभावित कई वर्गों को आर्थिक बल दिया है। अहम फैसला शहर में इच्छुक व्यक्ति को 120 दिन के रोजगार पर हुआ है। इसके लिए जयराम मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना आरंभ करने की मंजूरी प्रदान की है। इस महामारी के दौरान प्रदेश में बाहरी राज्यों से हजारों लोग वापस आए हैं, जिनकी विभिन्न क्षेत्रों में कुशलता हैं, उन्हें उनकी कार्यकुशलता अनुसार रोजगार और स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि विकास कार्यों पर प्रदेश सरकार द्वारा व्यय तीव्र किया जाएगा और फिजूल खर्च पर अंकुश लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने भवन और अन्य सन्निर्माण कामगार बोर्ड के तहत पंजीकृत लगभग एक लाख श्रमिकों को 2000 रुपए प्रदान किए है, जिस पर अब तक 20 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। अब सरकार ने इन श्रमिकों को और 2000 रुपए प्रति कामगार प्रदान करने का निर्णय लिया है। कोविड-19 महामारी के  कारण राज्य के कृषकों और बागबानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी फसलों का विपणन नहीं कर पाए हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है, इसलिए सरकार ने उन्हें कुछ हद तक क्षतिपूर्ति करने का फैसला किया है। सरकार बाजार में उनके उत्पादों के विपणन के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने के प्रयास कर रही है। इस महामारी के कारण पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार ने छह महीने की अवधि के लिए बिजली की मांग के शुल्क को माफ करने का फैसला किया है, जिसके लिए उन्हें लगभग 15 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की गई है। इसी तरह कराधान लाइसेंस शुल्क को माफ कर दिया जाएगा और बार का लिफ्टिंग कोटा प्रो-राटा के आधार पर होगा। सरकार एचपीटीडीसी निगम के कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर एचपीटीडीसी को भी सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा टोकन टैक्स और विशेष सड़क कर को चार महीने के लिए माफ कर दिया जाएगा तथा पंजीकरण और परमिट आदि के नवीकरण की देरी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। एचआरटीसी को 55 करोड़ की मदद दी जाएगी। उद्योगों को सुदृढ़ करने के लिए जीएसटी रिफंड जल्द से जल्द किया जाएगा। एचपीएसईबी लिमिटेड को भी उद्योग की कम मांग के कारण नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी भरपाई की जाएगी। अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए किए जाने वाले अन्य उपचारात्मक उपायों बारे सुझाव देने के लिए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस उप समिति के अन्य सदस्य शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, उद्योग मंत्री विक्रम सिंह और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर होंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार उचित स्तर पर ईपीएफओ, ईएसआईसी से संबंधित मामले को भी उठाएगी, ताकि जल्द से जल्द इसका निवारण किया जा सके। मंत्रिमंडल ने ओपन एकरिएज लाइसेेंसिंग नीति-बिड राउंड-1 के अंतर्गत मैसर्ज वेदांता लिमिटेड को मंडी जिला के बालीचैकी, चच्योट, सरकाघाट तथा मंडी क्षेत्र के अतिरिक्त बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र में पेट्रोलियम अन्वेषण के लिए पेट्रोलियम लाइसेंस प्रदान करने की अनुमति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला जिला के कोटखाई के थरोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कार्यशील बनाने और लोगों की सुविधा के लिए तीन विभिन्न श्रेणियों के पद सृजित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के सराज में राजकीय माध्यमिक पाठशाला कून और सोलन जिला में राजकीय माध्यमिक पाठशाला अनहेच को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा राजकीय उच्च पाठशाला जाडली और सनावर को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने तथा इन पाठशालाओं के प्रबंधन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 20 पदों को सृजित करने की अनुमति प्रदान की।


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