Pathankot-Mandi Fourlane : पठानकोट-मंडी फोरलेन में जल्द खुलेगा बंद हिस्सों के निर्माण का रास्ता

By: Feb 24th, 2025 8:48 pm

-पालमपुर-पधर और गगल एयरपोर्ट की डीपीआर पर काम शुरू

-भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट की वजह से फंसा था काम

विशेष संवाददाता-शिमला

हिमाचल में लगातार कठिन होते जा रहे मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे के दो हिस्सों का निर्माण अब शुरू हो सकता है। एनएचएआई ने इसके संकेत दिए हैं। इनमें पहला हिस्सा करीब 60 किलोमीट र का पालमपुर से पधर के बीच का है। यहां भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट की वजह से काम फंसा हुआ है। जबकि दूसरा हिस्सा इसी नेशनल हाईवे पर गगल में है। यहां एयरपोर्ट ऑथोरिटी के ग्रीन सिग्नल का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल, एयरपोर्ट के विस्तार की वजह से फिलहाल यह तय नहीं हो पा रहा है कि एयरपोर्ट के विस्तार के बाद फोरलेन के लिए कितनी जगह बचेगी। एनएचएआई को दिल्ली से दोनों हिस्सों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई ने दावा किया है कि मंडी-पठानकोट के फंसे दोनों पैच अब डीपीआर के स्तर तक पहुंच चुके हैं। एनएचएआई दोनों हिस्सों की डीपीआर जल्द तैयार करेगी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।

गौरतलब है कि एनएचएआई ने फोरलेन निर्माण में एलाइनमेंट, भूमि अधिग्रहण और प्रभावितों को मुआवजा देने का चक्र 90 दिन में पूरा करने की नीति तय की है। एनएचएआई ने लगातार फंसे रहने वाले कामों को पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं और एलाइनमेंट से भूमि अधिग्रहण तक का हिस्सा तीन महीने में पूरा करने को कहा गया है। एनएचएआई ने परियोजना के थ्री-ए से थ्री-डी तक के फासले को तय करने का समय घटाने का फैसला किया है। पहले थ्री-ए से थ्री-डी तक की प्रक्रिया में आठ महीने से एक साल तक का समय लग जाता था और इस वजह से परियोजना के शुरू होने के देरी हो रही थी। एनएचएआई के इस पूरे चक्र में एलाइनमेंट, भूमि अधिग्रहण और प्रभावितों को मुआवजा राशि वितरित करने की प्रक्रिया शामिल है। हिमाचल में मु य रूप से चार नेशनल हाईवे फोरलेन में तबदील हो रहे हैं। इनमें मंडी-पठानकोट, परवाणू-शिमला, शिमला-मटौर और कीरतपुर-नेरचौक शामिल हैं। जबकि एक अन्य फोरलेन पिंजौर-नालागढ़-बद्दी हिमाचल और हरियाणा सरकारें मिलकर बना रही है। लेकिन इन आदेशों का सबसे बड़ा असर मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे में देखने को मिलेगा। यहां निर्माण आगामी दिनों में शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।

जमीन खरीद या बिक्री नहीं होगी

एनएचएआई ने साफ कर दिया है कि जिन हिस्सों में निर्माण को लेकर प्रक्रिया कागजों में चल रही है वहां अब जमीन की खरद-फरो त नहीं हो पाएगी। जमीन खरीदने या बेचने के ताजा मामले सामने आते हैं तो ऐसे लोगों को मुआवजे से वंचित होना पड़ सकता है। फोरलेन निर्माण को लेकर थ्री-एक की शुरूआत के साथ ही एलाइनमेंट वाली जगह और इसके आसपास जमीन खरीदने और बेचने पर प्रतिबंध की बात भी एनएचएआई ने की है। मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे (मोर्थ) ने यह आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा फोरलेन में जमीन आने की स्थिति में 10 फीसदी टीडीएस काटा जाएगा। यह टीडीएस भवन, संपत्ति और गैर कृषि भूमि आने की स्थिति में ही कटेगा। जबकि 2.5 प्रशासनिक शुल्क राज्य सरकार को प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार को यह भुगतान भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे के रूप में मिलने वाली धनराशि के एवज में होगा।

डीपीआर तक पहुंच गई है बात

मंडी-पठानकोट में गगल के हिस्से में एयरपोर्ट विस्तार की वजह से काम रूका हुआ है। जबकि पालमपुर से पधर के बीच एनएचएआई डीपीआर बनाने के करीब पहुंच गया है। जल्द ही डीपीआर बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा और तय नियमों के अनुसार इन हिस्सों का निर्माण भी शुरू होगा। निर्माण में देरी की वजह भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट भी रहे हैं।

-कर्नल अजय सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई

….राकेश शर्मा


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