पिघल रही हिमालय की 400 ग्लेशियर झीलें, CWC ने चेताया, भारत में कभी भी आ सकती है प्रलय
केंद्रीय जल आयोग ने चेताया, भारत में कभी आ सकती है प्रलय
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों से भारत भी अछूता नहीं है। इस बीच हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में हिमालय के ग्लेशियर को लेकर सख्त चेतावनी दी गई है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने अपनी नई मॉनिटरिंग रिपोर्ट में बताया है कि भारत में हिमालय की 400 से अधिक ग्लेशियर झीलें तेजी से पिघल रही हैं, जो भारत के लिए चिंताजनक स्थिति है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले दिनों में किसी भी प्रलय से बचने के लिए इनकी गहन निगरानी की आवश्यकता है। हाल ही में सार्वजनिक की गई ग्लेशियल लेक्स एंड वॉटर बॉडीज फॉर जून 2025 नाम की एक रिपोर्ट के मुताबिक जल आयोग ने कहा है कि लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में फैली 432 ग्लेशियल झीलें अचानक विनाशकारी बाढ़ ला सकती हैं। इसलिए इनकी गहन निगरानी की जरूरत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लेशियल लेक एटलस-2023 के मुताबिक भारत में स्थित 681 में से) 432 झीलों का विस्तार हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश में इन झीलों की सबसे ज्यादा (197) संख्या हैं। वहीं लद्दाख (120), जम्मू और कश्मीर (57), सिक्किम (47), हिमाचल प्रदेश (6) और उत्तराखंड (5) की भी झीलें इस सूची का हिस्सा हैं। यह खुलासा भी हुआ है कि भारत में ग्लेशिया झीलों का कुल क्षेत्रफल भी बीते दशक में तेजी से बढ़ा है। जानकारी के मुताबिक 2011 में इनका क्षेत्रफल 1,917 हेक्टेयर था जो 2025 में बढक़र 2,508 हेक्टेयर हो गया है।
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