ईरान जंग रोकने का प्रस्ताव पास, अमरीकी संसद में ट्रंप को झटका, रिपब्लिकन सांसदों ने भी पाला बदला
एजेंसियां — वाशिंगटन
रिपब्लिकन के नेतृत्व वाले अमरीकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में आगे कोई भी सैन्य कार्रवाई करने से रोकने के लिए एक प्रस्ताव वॉर पावर्स रेजोल्यूशन (युद्ध शक्ति प्रस्ताव) को मं•ाूरी दे दी है। यह प्रस्ताव 215-208 मतों से पारित हुआ है। यह प्रस्ताव तब सफल हुआ, जब चार रिपब्लिकन सदस्यों ने डेमोक्रेट््स के साथ मिलकर इस युद्ध के प्रति अपनी असहमति जताई। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। यह प्रस्ताव ट्रंप को ईरान से अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाने के निर्देश देता है, जब तक कि कांग्रेस युद्ध की घोषणा न कर दे या सैन्य बल के इस्तेमाल को अधिकृत न कर दे। सदन के जिन चार रिपब्लिकन सदस्यों ने युद्ध शक्तियों वाले प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, उनमें मिशिगन के प्रतिनिधि टॉम बैरेट, ओहियो के वॉरेन डेविडसन, पेंसिल्वेनिया के ब्रायन फिट््•ापैट्रिक और केंटकी के थॉमस मैसी शामिल थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप बिना किसी साफ रणनीति के देश को एक लंबे संघर्ष में घसीट सकते हैं। साथ ही उन्होंने 28 फरवरी को ईरान पर अमरीका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों की शुरुआत के बाद से गैसोलीन, खाने-पीने की चीजों और दूसरे उत्पादों की बढ़ती कीमतों पर भी ङ्क्षचता जताई।
डोनाल्ड बोले; मैं न होता, तो मिट जाता इजरायल
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि अगर उनका नेतृत्व न होता, तो आज दुनिया के नक्शे पर इजरायल का नामोनिशान मिट चुका होता। ट्रंप ने अपने पिछले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान मिडल ईस्ट नीति को लेकर लिए गए फैसलों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से तीन ऐसे ऐतिहासिक कदमों का जिक्र किया, जिन्होंने उनके अनुसार इजरायल के अस्तित्व को बचाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाई।
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