बरसात में लगाएं उन्नत किस्म के फलदार पौधे

By: Jul 3rd, 2026 12:47 am

क्षेत्रीय बागबानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र जाच्छ ने किसानों को दी आधुनिक पौधरोपण तकनीक अपनाने की सलाह

कार्यालय संवाददाता-नूरपुर
बरसात का मौसम फलदार पौधों के रोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। किसान और बागवान अपनी भविष्य की आय बढ़ाने तथा आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उन्नत किस्म के फलदार पौधे लगाएं। यह सलाह क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ (नूरपुर) के सह निदेशक डॉ. विपिन गुलेरिया ने दी। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में वर्षा शुरू होने से मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर होती है। इस दौरान गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में आम, संतरा, अमरूद, पपीता, लीची, आंवला, गलगल, हरड़, लसूड़ा, ड्यू तथा घरना और कत्ल जैसे पौधों का रोपण किया जा सकता है। डाक्टर गुलेरिया ने बताया कि पहले नंगी जड़ों वाले पौधे लगाए जाते थे, लेकिन अब पॉली बैग तकनीक से तैयार पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पौधों की जड़ें सुरक्षित रहती हैं, जिससे रोपाई के समय उन पर पारिस्थितिकीय दबाव (इकोलॉजिकल स्ट्रेस) नहीं पड़ता और उनकी जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि पॉली तकनीक के तहत मार्च माह में पौधों की ग्राफ्टिंग पॉली बैग में की जाती है और जुलाई तक ये पौधे रोपण के लिए तैयार हो जाते हैं। बरसात के मौसम में रोपाई के बाद सर्दियों से पहले इनकी जड़ें मिट्टी में अच्छी तरह फैल जाती हैं, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों का रोपण जुलाई से सितंबर तक किया जा सकता है, लेकिन जुलाई का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इस समय पर्याप्त वर्षा होने से सिंचाई की आवश्यकता कम पड़ती है। डाक्टर गुलेरिया ने बताया कि नूरपुर क्षेत्र में आम की खेती प्रमुख रूप से की जाती है। यहां दशहरी के अलावा आम्रपाली, अल्फांसो, सिंदूरी, एप्पल मैंगो, लंगड़ा और चौसा जैसी उन्नत किस्मों के पौधे किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।


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