बारिश ने बिगाड़ा रसोई का बजट, चंडीगढ़ सब्जी मंडी में टमाटर-गोभी के दाम में उछाल, मंडियों में घटी आवक
दिव्य हिमाचल ब्यूरो- चंडीगढ़
चंडीगढ़ मानसून की तेज बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं इसका असर अब आम आदमी की रसोई पर भी पडऩे लगा है। बारिश के कारण खेतों में टमाटर, गोभी समेत कई सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। कई इलाकों में खेतों में ही सब्जियां खराब होने से मंडियों में आवक कम हो गई है। इसका सीधा असर सब्जियों की कीमतों पर पड़ा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसका असर ट्राईसिटी की मंडियों में भी दिखाई दे रहा है। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में टमाटर के दाम बढक़र 40 से 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पिछले सप्ताह टमाटर 20 से 25 रुपए किलो बिक रहा था। बारिश के चलते अधिकांश हरी सब्जियों के दाम भी 50 रुपए किलो से अधिक हो गए हैं।
आलू करीब 40 रुपए किलो बिक रहा है, जबकि 50 रुपए किलो मिलने वाली गोभी अब करीब 100 रुपए किलो तक पहुंच गई है। टमाटर महंगा होने से लोगों ने खरीदारी भी कम कर दी है। पहले लोग दो-तीन किलो टमाटर एक साथ खरीद लेते थे, लेकिन अब आधा से एक किलो में ही काम चला रहे हैं। सब्जी मंडी के दुकानदारों का कहना है कि बारिश के दौरान खेतों में सब्जियां खराब होने के साथ मंडियों में आवक भी घट जाती है। मांग के मुकाबले सप्लाई कम होने से कीमतों में अचानक तेजी आती है। उनका कहना है कि बारिश का दौर कम होने और सब्जियों की आवक सामान्य होने के बाद दामों में गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं, चंडीगढ़ मानसून की तेज बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं इसका असर अब आम आदमी की रसोई पर भी पडऩे लगा है। बारिश के कारण खेतों में टमाटर, गोभी समेत कई सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है।
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