हिंदी के प्रचार-प्रसार में सभी निभाएं अपनी जिम्मेदारी
हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर शंखनाद संस्था ने आयोजित किया जिला स्तरीय कवि सम्मेलन, नवोदित साहित्यकारों ने भी प्रस्तुत की रचनाएं
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नाहन
शंखनाद सामाजिक संस्था की ओर से हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक नगरी नाहन में जिला स्तरीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकारों, कवियों और नवोदित लेखकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्थानीय आईटीआई नाहन के प्रधानाचार्य, शिक्षाविद व समाजसेवी अशरफ अली मुख्यातिथि रहे, जबकि कुल्लू के प्रसिद्ध आलोचक व साहित्यकार गणेश गनी विशिष्ट अतिथि रहे। साहित्यकार दिलीप वशिष्ठ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और कवि भुवन जोशी ने मंच संचालन किया। संस्था के निदेशक-संपादक डॉ. श्रीकांत अकेला ने बताया कि सम्मेलन में करीब एक दर्जन नवोदित कवियों और कहानीकारों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मुख्यातिथि अशरफ अली ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। गणेश गनी ने कहा कि हिंदी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर हिंदी को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। अध्यक्ष दिलीप वशिष्ठ ने हिंदी को राष्ट्रीय चरित्र और भाव की सशक्त प्रहरी बताया। सम्मेलन में करीब डेढ़ दर्जन कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का मनोरंजन किया। तुषार चौहान, अनुज कुमार, ब्रह्मंश, गौरव पुंडीर, ऋषिका भगत, शिवांगी शर्मा, शिवानी चौहान, चेतना, गुलशन, रजनीश, शाश्वत पुंडीर सहित वरिष्ठ साहित्यकारों दीप चंद कौशल, सरला गौतम, अर्चना शर्मा, मीनाक्षी वर्मा, प्रताप पराशर, गणेश गनी, अशरफ अली आदि ने प्रस्तुति दी। नवोदित साहित्यकारों को बाद में सम्मानित भी किया गया। संस्था के महासचिव मोहम्मद कय्यूम सैय्यद ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष दीपराज विश्वास सहित साहित्यिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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