फिर हेरा फेरी’ से ‘चार यार’ तक: जल्दी अमीर बनने का लालच दिखाती भारतीय फिल्में और शोज़
लॉटरी जीतने और धोखाधड़ी वाली योजनाओं से लेकर चोरी और सट्टेबाजी तक, भारतीय फिल्मों और शोज़ में ऐसे कई किरदार देखने को मिले हैं, जिन्हें लगता है कि एक छोटा-सा मौका उनकी सारी परेशानियां खत्म कर देगा। आइए, ऐसी फिल्मों और शोज़ पर नजर डालते हैं, जहां जल्दी अमीर बनने की चाहत किरदारों को मुसीबत में डाल देती है और उनकी जिंदगी में हास्य, गड़बड़ियों और पागलपन का तड़का लग जाता है।
1. मालामाल वीकली (2006)
जब एक गांव के आदमी की लॉटरी लग जाती है और अचानक उसकी मौत हो जाती है, तो उसके आसपास के लोगों के मन में लालच आ जाता है। हर कोई उस बड़ी रकम को पाने की कोशिश करने लगता है। इसके बाद झूठ, चालबाजी और हंगामे का ऐसा सिलसिला शुरू होता है, जो दर्शकों को खूब हंसाता है।
2. फिर हेरा फेरी (2006)
राजू, श्याम और बाबूराव को लगता है कि एक फायदे वाली योजना में पैसे लगाकर वे जल्द ही अमीर बन जाएंगे। लेकिन जल्दी पैसा कमाने का उनका सपना एक बड़े आर्थिक संकट में बदल जाता है और वे एक के बाद एक मुसीबत में फंसते चले जाते हैं।
3. अपना सपना मनी मनी (2006)
पैसा कमाने की चाहत में कई रंग-बिरंगे किरदार अलग-अलग भेष बदलते हैं, लोगों को धोखा देते हैं और तरह-तरह की चालें चलते हैं। जल्दी अमीर बनने की उनकी कोशिशों से ऐसी मजेदार गड़बड़ियां पैदा होती हैं, जहां हर कोई किसी और का रूप धारण करता नजर आता है।
4. चार यार (2026)
साल 2001 के मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म चार दोस्तों की कहानी है, जिनकी जिंदगी अपराध, सट्टेबाजी, लालच और अपने फायदे के लिए कुछ भी करने की चाहत में उलझ जाती है। पैसा कमाने और रोमांच की तलाश में वे कई मुसीबतों में फंस जाते हैं। इस दौरान उनकी दोस्ती की परीक्षा होती है और उन्हें अपने फैसलों के नतीजों का सामना करना पड़ता है।
5. धमाल (2007)
जब चार दोस्तों को छिपे हुए खजाने के बारे में पता चलता है, तो वे सबसे पहले उस पैसे तक पहुंचने की होड़ में लग जाते हैं। लालच और जल्द से जल्द पैसा पाने की चाहत उनकी इस तलाश को मजेदार घटनाओं और अजीबोगरीब मुसीबतों में बदल देती है।
6. अंदाज अपना अपना (1994)
अमर और प्रेम दो ऐसे नौजवान हैं, जो अमीर बनने का सपना देखते हैं और इसके लिए किसी अमीर लड़की से शादी करना चाहते हैं। एक करोड़पति की बेटी को अपने करीब लाने की कोशिश में दोनों के बीच मुकाबला शुरू हो जाता है। गलतफहमियों, पहचान बदलने और मजेदार घटनाओं से उनकी जिंदगी में खूब उथल-पुथल मचती है।
7. दे दना दन (2009)
आर्थिक परेशानियों से बाहर निकलने के लिए नितिन और राम एक अमीर कारोबारी के कुत्ते को अगवा करके फिरौती मांगने की योजना बनाते हैं। लेकिन उनकी यह योजना जल्द ही उनके काबू से बाहर हो जाती है और जल्दी पैसा कमाने की कोशिश एक बड़ी अफरा-तफरी में बदल जाती है।
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