सत्यम पांडेय, स्वतंत्र लेखक

जबरदस्त बहुमत के साथ 2014 में सत्ता में आई भाजपा सरकार ने इसे पारित कराने के कोई प्रयास नहीं किए जबकि अपने चुनावी-घोषणापत्र में उन्होंने इसका वादा भी किया था। अगर इस सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति है तो दशकों का सपना मिनटों में पूरा हो सकता है… हमारा लोकतंत्र आज एक कठिन चुनौती का सामना