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नुकसान देह है ओवर इटिंग

कई बार आप स्वाद ही स्वाद में ज्यादा खाना खा लेते हैं। जिस कारण ज्यादा खाने की आदत से बचना मुश्किल हो जाता है। आप घर में स्वस्थ खाना खाते हैं, तो आप को लगता है कि सब ठीक है और फिर बाहर जा कर खुद को जंक फूड से घिरा हुआ पाते हैं। उसे देख कर…

दादी मां के नुस्खे

*मुंह  की दुर्गंध से छुटकारा पाने के लिए रोजाना ब्रश करने से पहले एक चम्मच नारियल का तेल अपले मुंह में कुल्ले के जैसे बीस मिनट तक रखें और उसके बाद ब्रश कर लें। * अगर आपकी स्किन किसी वजह से जल गई है, तो उस पर तुरंत एलोवेरा जैल लगा लें। इससे…

अजूबे से कम नहीं है नालंदा विश्वविद्यालय

यहां महायान के प्रवर्त्तक नागार्जुन, वसुबंधु, असंग तथा धर्मकीर्ति की रचनाओं का सविस्तार अध्ययन होता था। वेद, वेदांत और सांख्य भी पढ़ाए जाते थे। व्याकरण, दर्शन, शल्यविद्या, ज्योतिष, योगशास्त्र तथा चिकित्साशास्त्र भी पाठ्यक्रम के अंतर्गत थे।…

कुंडलिनी साधारण शक्ति नहीं

कुंडलिनी शक्ति को साधारण शक्ति समझने की भूल कभी नहीं करनी चाहिए। कुंडलिनी उस शक्ति का नाम है, जो हजारों परमाणु ऊर्जा केंद्रों की शक्ति से भी प्रबल है। इसके जागरण के अनेक विधि-विधान  हैं और सभी मार्गों का गंतव्य एक है, अतः अनेक होते हुए भी…

कैसे मनाएं दिवाली

दिवाली खुशियों का त्योहार है और आपकी खुशियों को किसी की नजर न लगे इसके लिए जरूरी है कि दिवाली को सही तरीके से मनाया जाए। जरा सी लापरवाही खतरनाक हो सकती है। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप इस दिवाली पर पहले से प्लानिंग कर लें, ताकि घर में किसी को…

चित्रांकन को दिव्य से संगम जरूरी

गुरुओं, अवतारों, पैगंबरों, ऐतिहासिक पात्रों तथा कांगड़ा ब्राइड जैसे कलात्मक चित्रों के रचयिता सोभा सिंह भले ही पंजाब से थे, लेकिन उनका अधिकतर जीवन अंद्रेटा (हिमाचल) की प्राकृतिक छांव में सृजनशीलता में बीता। इन्हीं की जीवनी और उनके विविध…

लक्ष्मी प्राप्ति का अचूक उपाय श्री सूक्त

...गतांक से आगे श्री सूक्तम : गंधद्वारां दुराधर्षां नित्य पुष्टां करीषिणीम्। ईश्वरीम सर्वभूतानां तामिहोप ह्वये श्रियं ॥ 9॥ ( जिनका प्रवेशद्वार सुगंधित है, जो दुराधर्षां तथा नित्य पुष्ठा हैं और जो गोमय के बीच निवास करती हैं, सब भूतों की…

मौसम के अनुसार डाइट

डाइट पर ध्यान दिया जाए तो हर मौसम में स्वस्थ रहा जा सकता है। इसके लिए यह जानना जरूरी है कि किस मौसम में क्या खाएं और क्या न खाएं। हर मौसम का अपना स्वभाव होता है जिसके अनुसार हम कपड़े पहनते हैं और रहन-सहन में बदलाव करते हैं। मौसम के बदलते ही…

विष्णु पुराण

श्रीलक्ष्मी जी के जन्म की इस कथा को जो कोई पढ़ेगा या श्रवण करेगा, उसके गृह के तीनों कुलों में लक्ष्मी का कभी नाश नहीं होगा। हे मुने! लक्ष्मीजी के इस स्तोत्र का जिन घरों में पाठ होता है, उनमें कलह स्वरूप दरिद्रता कभी भी नहीं टिकती... इस…

झील में रहने वाला डायनासोर

स्कॉटलैंड के हाइलैंड्स में लॉकनेस की झीलों में रहने वाला मॉनस्टर पिछली कई सदियों से पश्चिमी किंवदंतियों में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी में रहने वाला डायनासोर है, लेकिन अभी तक इसकी प्रामाणिकता नहीं है। वर्ष 1947 में अमरीका के…

सारे कार्बन को कहां ठिकाने लगाएं?

पिछली दो शताब्दियों से हम जैव ईंधन को जला कर अपने वातावरण में कार्बन डायआक्साइड भर रहे हैं। यह कार्बन पृथ्वी की सतह के नीचे तेल और कोयले के रूप में दबा था। अब हमने इस सारे कार्बन को पृथ्वी के वातावरण से हटाना होगा अन्यथा हमें बदलते वातावरण…

महाबाहु परशुराम

गतांक से आगे... इस पर सत्यावती ने ससुर को प्रसन्न देखकर उनसे अपनी माता के लिए एक पुत्र की याचना की। सत्यावती की याचना पर भृगु ऋषि ने उसे दो चरु पात्र देते हुए कहा कि जब तुम और तुम्हारी माता ऋतु स्नान कर लोगी, तब तुम्हारी मां पुत्र की इच्छा…

विलुप्त हो रही भरमौर की विचित्र परंपराएं

गद्दी पुरुषों द्वारा पारंपिरक वेशभूषा चोली-डोरा पहनकर डंडारस नृत्य करना भी प्रायः विलुप्त होने की दहलीज पर आ पहुंचा है। मणिमहेश यात्रा धार्मिक यात्रा न होकर पिकनिक स्पॉट ज्यादा बनती जा रही है... आज हर वर्ग के युवा लोग धन एकत्रित करने के…

श्रीविश्वकर्मा पुराण

इस प्रकार से दिन रात छोटे-बड़े तथा समान बनते हैं। इस प्रकार सूर्य मानसोत्तर पर्वत को छलांग कर मेरू की चारों तरफ परिक्रमा करते हुए अनुक्रम से पूर्वांहि दिशाओं में इंद्रादि लोकपालों की नगरियों में जाता है।  इसलिए सूर्य जिस नगरी में पूर्णता से…

अनमोल वचन

* अकसर महान बनने की चाहत में लोग इनसान बनना भूल जाते हैं। * गलती उसी से होती है जो मेहनत से काम करता है, निकम्मों की जिंदगी तो दूसरों की बुराई खोजने में खत्म हो जाती हैं। * देखने का नजरिया सही होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे स्कूल की पहली घंटी…
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