योग से बदलेगी युवाओं की मानसिकता

अदित कंसल लेखक, नालागढ़ से हैं विद्यार्थियों को इस प्रकार के व्यसनों, अवसाद व तनाव से छुटकारा योग अभ्यास दिला सकता है। योग से जहां एक ओर विद्यार्थियों की दिनचर्या नियमित होगी, वहीं दूसरी ओर उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहेगा। योग…

पहाड़ी राज्यों में स्वास्थ्य सेवा मजबूत कैसे हो

अनुराग ठाकुर लेखक, हमीरपुर से सांसद हैं जरूरी है कि आसपास के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हों जहां ग्रामीण भारत के लोग जा सकें और समय पर जांच करा सकें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, लिपिड…

आयुष्मान भारत : सही कदम, लेकिन सतर्कता जरूरी

अश्विनी महाजन एसोसिएट प्रोफेसर, पीजीडीएवी कालेज, दिल्ली विश्वविद्यालय यह राशि कितनी होगी, इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार पर इस नई योजना का कितना भार पड़ेगा? जहां तक बीमा कंपनियों का सवाल है, देश में दो प्रकार की बीमा कंपनियां काम करती…

जीवन जीने की कला है ‘योग’

आशीष बहल लेखक, चुवाड़ी, चंबा से हैं योग शब्द सुनते ही हमारे दिमाग मे कुछ तस्वीरें उभरती हैं, जिसमें कुछ सांस लेने की क्रियाएं, कुछ आसन, व्यायाम इत्यादि का ध्यान सबसे पहले आता है। योग कोई नई क्रिया नहीं है, यह हमारी कई हजार साल पुरानी…

वैश्वीकरण को छोड़ने की जरूरत

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं विश्व बैंक का कहना है कि भारत सरकार को ऋण लेकर हाइवे आदि में निवेश नहीं करना चाहिए, क्योंकि सरकार द्वारा निवेश करने में भ्रष्टाचार की संभावना बनी रहती है। इसलिए भारत सरकार का…

शिक्षा अवमूल्यन को जिम्मेदार कौन ?

शंकर लाल वासिष्ठ लेखक, सोलन से हैं क्या हम कक्षा के स्तरों की उपाधियां देकर अनपढ़ समूह राष्ट्र को उपहार नहीं दे रहे हैं, जो किसी भी क्षेत्र में सक्षम नहीं हैं? अतः इसका उपचार एक- दूसरे पर दोषारोपण से नहीं, अपितु प्रत्येक स्तर पर गंभीर…

संघ की प्रगति अनिष्टकारी है

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं मुझे यह स्वीकार करना चाहिए कि अमित शाह के बारे में मेरा विचार एक ऐसे व्यक्ति वाला था, जो आग लगाता है और फिर उसमें घी डालता है। लेकिन मेरी यह सोच उस समय पूरी तरह तिरोहित हो गई जब मैंने उनकी सद्भावना,…

शिक्षा अवमूल्यन को जिम्मेदार कौन ?

शंकर लाल वसिष्ठ लेखक, सोलन से हैं चयनित राजनीतिक जनेच्छा मात्र मतों के लाभ-हानि का गणित करते हैं, प्रशासनिक अधिकारी हां में हां मिलाने में ही अपना कर्त्तव्य समझते हैं,  आगे शिक्षा अधिकारियों की क्या हिम्मत जो विद्यालय परिस्थिति को जानते…

नागपुर में प्रणब मुखर्जी का संबोधन

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं मुखर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राष्ट्रीय महत्त्व के प्रश्नों पर लोक संवाद ही समाधान का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। किसी भी समाज में मत भिन्नता तो होगी ही। सहमत होना या असहमत होना मानव…

प्रकृति को विध्वंस की ओर ले जाता मानव

बचन सिंह घटवाल लेखक, मस्सल, कांगड़ा से हैं हालांकि अभी मानसून उत्तरी भारत की तरफ क्रियाशील हो रहा है। मानसून जब चरमसीमा पर होगा, न जाने कहां बादल फटेगा, कहां बिजली गिरेगी और बाढ़ की चपेट में कितने ही घर जमींदोज होंगे, परंतु मानव का जिम्मा…

संघ वही संघ है, प्रणब वही प्रणब हैं

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं उन्होंने राष्ट्रवाद की परिभाषा, भाषा व भौगोलिक सीमा के उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि एक देश की संस्कृति व सभ्यता के रूप में की। उन्होंने कहा कि यूरोपीय राष्ट्रीय…

स्कूली खेलों को बढ़ावा कब ?

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं पिछले कई दशकों से बंद पड़े ड्रिल के पीरियड को अभी तक सुचारू रूप से शुरू नहीं किया जा सका है। राज्य में स्कूली क्रीड़ा संगठन को मजबूत बनाकर ही हम राज्य के विद्यालयों में पढ़ रहे लाखों…

भाजपा को अब काम ही दिलाएगा वोट

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं कर्नाटक की क्षणिक जीत के बाद मोदी और शाह खुद को फिर से अजेय साबित करने में लगे ही थे कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया। अंततः कर्नाटक हाथ से निकल गया। उसके बाद…

पर्यटन तंत्र को संवारने की चुनौती

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं हिमाचल के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में सस्ती पार्किंग सुविधा एवं रात्रि ठहराव की सहूलियतों में सुधार की गुंजाइश है। मनाली के एक होटल में बाहर से आए पर्यटकों को बंद करना एवं धर्मशाला में सैलानियों के…

कितना सही है रेपो रेट बढ़ाने का निर्णय

अश्विनी महाजन  एसोसिएट प्रोफेसर, पीजीडीएवी कालेज, दिल्ली विश्वविद्यालय जीडीपी ग्रोथ में वृद्धि भी भविष्य में महंगाई घटने की ओर इंगित कर रही है। महंगाई दर नवंबर, 2017 में लक्षित 4 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा जरूर है, लेकिन यह उसकी ऊपरी सीमा…