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दस मिनट की अखबार घंटों की मेहनत

सुरेश कुमार लेखक, योल, कांगड़ा से हैं मीडिया का मतलब अगर ढंग से जाना जाए तो यही है कि रोज कुआं खोदो और रोज पानी पियो। रोज खबर ढूंढनी पड़ती है, रोज जोखिम उठाना पड़ता है। दोस्त कम हो जाते हैं, दुश्मन बढ़ने लगते हैं। धमकियां भी मिलने लगती हैं…

महिला आजादी से खतरे में इस्लाम !

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं आजकल हिंदोस्तान में इस्लाम हर मामले में जल्दी ही खतरे में पड़ जाता है। जब औरतों ने कहा कि तीन बार तलाक चिल्ला देने से विवाह टूट नहीं सकता, तब मौलवियों ने उनकी गर्दन पकड़ी और कहा तुम्हारी…

स्वार्थ से बिगड़ता राजनीति का हुलिया

शिवालिक अवस्थी लेखक, धर्मशाला से हैं राजनीति की आज जो दुर्दशा हमें देखने को मिलती है, उसके लिए हम भी नेताओं से कम कसूरवार नहीं हैं। जो जनता राजनेताओं को तमाम अधिकार सौंपकर उनसे सदाचार की अपेक्षा रखती है, वह खुद ही राजनीतिज्ञों के साथ मिलकर…

तकनीकी शिक्षा की दयनीय हालत

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं हमें शिक्षा का प्रारूप दोबारा से इस तरह बनाना चाहिए कि छात्र भविष्य की कारपोरेट जरूरतों के मुताबिक अपने कामों को अंजाम देने में सक्षम हो सकें। छात्रों तथा उनके अभिभावकों,…

धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय खेल छात्रावास

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल छात्रावास बनने से जहां भारतीय टीम के प्रशिक्षण में निखार आएगा, वहीं पर हिमाचली प्रतिभाओं को अपने यहां एशियाई स्तर के धावक व धाविकाओं के साथ प्रशिक्षण…

मोदी जलवे की परीक्षा

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं हालिया सर्वेक्षण का निष्कर्ष यह है कि यदि आज चुनाव हो जाएं, तो भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में तो उभरेगी, लेकिन वह निर्धारित 360 सीटों का आंकड़ा नहीं छू पाएगी। वह 320 सीटों के आसपास सिमट…

रोहतांग सुरंग संघर्ष के गुमनाम नायक

डा. चंद्र मोहन परशीरा  लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने 27 मई, 1999 के दिन अर्जुन गोपाल को संदेश भिजवाया कि उनकी सरकार ने रोहतांग सुरंग के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। उन्होंने अगले वर्ष लाहुल आकर इस सुरंग की…

‘निर्वाचन प्रणाली में बदलाव, लोकतंत्र को खतरा’

भानु धमीजा सीएमडी, ‘दिव्य हिमाचल’ लेखक, चर्चित किताब ‘व्हाई इंडिया नीड्ज दि प्रेजिडेंशियल सिस्टम’ के रचनाकार हैं वर्तमान में ‘फर्स्ट-पास्ट-दि-पोस्ट’ (एफपीटीपी) (first-past-the-post) प्रणाली के तहत जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन प्रत्येक…

फल उत्पादन क्षेत्र में हो विस्तार

सतपाल लेखक, एचपीयू में शोधार्थी हैं प्रदेश के बागबानों को हर तरह से सक्षम बनाने की जरूरत है। आज सेब प्रदेश के जिन जिलों में उत्पादित हो रहा है, वहां की अर्थव्यवस्था काफी सशक्त हुई है। शिमला, कुल्लू व किन्नौर जिला में सेब उत्पादन से इन …

सौर-चंद्र कैलेंडर को अपनाइए

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं अर्थव्यवस्था की दृष्टि से सौर-चंद्र कैलेंडर उत्तम बैठता है। अमरीकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कुछ कठिनाई हो, तो भी ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय कंपनियों तथा मुस्लिम देशों के निवेशकों के लिए…

सोशल मीडिया में सियासी सक्रियता

कर्म सिंह ठाकुर लेखक, सुंदरनगर, मंडी से हैं सत्य और तथ्य के बावजूद सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार की संभावना हर कहीं बनी रहती है। लिहाजा इस चुनाव से पहले भी नेताओं द्वारा मतदाताओं को भ्रमित करने के प्रयास हो सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया की…

योगी का राजनीतिक आरोहण

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं अगर भाजपा यूपी में विकास करती है, तो भी 2019 का आम चुनाव सांप्रदायिक धु्रवीकरण के जरिए जीतने की कोशिश होगी। यही कारण है कि देश की राजनीति में चर्चित हो चुके योगी की नियुक्ति संभव हुई। उनके नाम पर हिंदू…

विवेकपूर्ण मताधिकार की जिम्मेदारी

डा. ओपी शर्मा लेखक, वरिष्ठ साहित्यकार हैं हिमाचली मतदाता हर दल और नेता का नजदीक से आकलन और मूल्यांकन करने लगा है और इसी के आधार पर अपने बहुमूल्य मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपनी सरकार भी चुनेगा। लोकतंत्र में मताधिकार का बड़ा महत्त्व है,…

आभार रैली में अनुत्तरित रह गए बड़े प्रश्न

विजय शर्मा लेखक, हिम्मर, हमीरपुर से हैं जिन तीन बड़ी परियोजनाओं का प्रधानमंत्री मोदी ने शिलान्यास या लोकार्पण किया, वे सब पुरानी योजनाएं थीं। वह जनता को हिमाचल से अपने रिश्तों की मीठी लोरी सुनाकर अगले चुनावों में भाजपा को जिताने की अपील कर…

राष्ट्रगान पर विवाद मंजूर नहीं

ललित गर्ग लेखक, स्वतंत्र पत्रकार हैं हमारे देश में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर तथाकथित कट्टर ताकतें विरोधी स्वर उठाती रही है। इनके सार्वजनिक स्थलों पर गायन का दायरा क्या हो और वह किसके लिए सहज या असहज है, इस सवाल पर कई बार बेवजह विवाद…
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