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अंतर विश्वविद्यालय स्पर्धा में पदकों की आस

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं प्रदेश विश्वविद्यालय की टीम अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए रवाना हो गई है। देखते हैं कि कौन-कौन धावक व धाविका अपना नाम हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की तरफ से राष्ट्रीय…

मीडिया विमर्श का सिमटता दायरा

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं गुजरात के चुनाव और राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना इतनी बड़ी खबरें हैं कि लगता है देश भर की सारी समस्याएं खत्म हो गई हैं, सारे मुद्दे अप्रासंगिक हो गए हैं। राजनीतिज्ञों को तो जनता…

समाज से संवाद तक पुलिस व्यवस्था

सोमेश गोयल लेखक, हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हैं हिमाचल प्रदेश पुलिस स्थापना समारोह की परिकल्पना के दो मुख्य उद्देश्य हैं- पहला कि ऐसे आयोजन पुलिस के मनोबल, आत्मविश्वास और आत्म सम्मान में वृद्धि करेंगे। दूसरा मुख्य कारण प्रदेश के सभी…

आध्यात्मिक से आपराधिक हुआ हिमाचल

सुरेश कुमार लेखक, योल, कांगड़ा से हैं हिमाचल में अपराध कई गुना बढ़ गया और विकास बौना हो गया। हाल ही में कई घटनाक्रमों ने कानून-व्यवस्था की  कलई खोल कर रख दी है। युग हत्याकांड, होशियार सिंह प्रकरण और बिटिया बलात्कार तथा हत्या के मामले ने…

भुखमरी की राजनीति और अर्थशास्त्र

डा. अश्विनी महाजन लेखक, दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजीडीएवी कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं देश में पोषण संबंधी परियोजनाओं के लिए बेहतर निगरानी व्यवस्था भी बनाई जा रही है। यह सही है कि दुनिया के अधिकांश दूसरे मुल्कों की तुलना में तमाम मापदंडों…

स्वास्थ्य एवं शिक्षा में सुधार जरूरी

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं अपने देश में सरकारी शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं सभी को उपलब्ध हैं। गरीब को इनका ही सहारा होता है, परंतु इन सेवाओं को उत्तरोत्तर निजी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। निजी…

अंधी रफ्तार के कातिल इरादे

रविंद्र सिंह भड़वाल लेखक, ‘दिव्य हिमाचल’ से संबद्ध हैं यातायात को नियंत्रित एवं व्यवस्थित बनाने को लेकर हमारे देश या प्रदेशों में कानूनों व नियमों की कोई कमी नहीं है। लेकिन नब्बे फीसदी मामलों में न तो प्रशासन इनका सही ढंग से पालन करवा पाता…

अयोध्या मामले में कशमकश

कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि विवाद मसले में वास्तविक अड़चन मोहन भागवत का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा है कि अयोध्या में केवल राम मंदिर बनेगा, इसके सिवाय कुछ नहीं। ऐसी स्थिति में जबकि मुसलमान कमोबेश इस…

प्रकृति संरक्षण को कुछ कड़वे घूंट जरूरी

इंदु पटियाल लेखिका, कुल्लू से हैं बेतहाशा निर्माण से हिमाचल प्रदेश कंकरीट का जंगल बनता जा रहा है। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण को संरक्षित व व्यवस्थित करने हेतु एनजीटी को अपनी भूमिका निभाते हुए सख्त फैसले लेने होंगे। निश्चय ही…

गुजरात वाया उत्तर प्रदेश

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री लेखक, वरिष्ठ स्तंभकार हैं राहुल गांधी किसी भी तरह वंश का सहारा लेकर सत्ता के शिखर पर पहुंचने की जल्दी में है। वह किसलिए सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं, इसका उनको पता नहीं है। उनका सारा दावा केवल एक तर्क पर आधारित है…

कमजोरी को भी ताकत बनाएं दिव्यांग

हरिदास प्रजापति लेखक, हि.प्र. दिव्यांग-विकलांग कल्याण संघ के सलाहकार हैं समाज में कई बार दिव्यांग हीन दृष्टि झेलने को मजबूर होते हैं। जो लोग किसी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा का शिकार हो जाते हैं अथवा जो जन्म से ही विकलांग होते हैं, समाज कई…

बिखरते अस्तित्व को समेटने की चुनौती

प्रो. एनके सिंह लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं आर्थिक क्षेत्र में भी राहुल गांधी के पास फटे-पुराने समाजवादी एजेंडे के अलावा कुछ नया नहीं है। राहुल निश्चित रूप से चुनावी राजनीति के राजनीतिक चरण में दोबारा प्रविष्ट हो…

कालेज स्तर की खेलों पर भारी पड़ता रूसा

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं जैसे राज्य में महाविद्यालयों की गिनती बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी महाविद्यालयों की टीमों की संख्या घटती जा रही…

पद्मावती विरोध का छिपा एजेंडा

राजेंद्र राजन लेखक, चर्चित फिल्म टिप्पणीकार हैं यह बात जगजाहिर हो चुकी है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर देश भर में जो प्रदर्शन हो रहे हैं, उनकी पृष्ठभूमि में मूल एजेंडा क्या है? राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा…

वार्ता से बहाल होगी घाटी में शांति

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं दिनेश्वर शर्मा की वापसी के बाद स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया केंद्र सरकार की आशाओं के अनुरूप नहीं थी। वस्तुतः ऐसी कार्रवाइयों से अविश्वास और बढ़ता है, नाउम्मीदी और बढ़ती है। इसके बजाय…
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