कविता के फकीर का कारवां

‘कविता के फकीर’ का भी कारवां गुजर गया। अब भी विश्वास नहीं होता, क्योंकि उन्हें साक्षात देखा था, रूमानियत और शृंगार की भी दार्शनिक कविताएं सुनी थीं, जिंदगी के प्रति एक अजीब-सा जज्बा देखा था। महाकवि गोपाल दास नीरज के संदर्भ में दो संस्मरण…

अविश्वास का दंगल

यह दिखावे का दंगल होगा। यह 2019 के चुनावों के लिए माहौल बनाने की लड़ाई है। न देश विपक्ष पर विश्वास करता है और न ही प्रधानमंत्री मोदी तथा उनकी सरकार के प्रति सार्वजनिक अविश्वास की भावना है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी कुछ भी दावे…

पड्डल की घास पर क्रिकेट

फिर मंडी के पड्डल मैदान की घास उलझ रही है और सामने क्रिकेट के बिछौने का विरोध आकर खड़ा हो गया। दरअसल विवाद क्रिकेट बनाम अन्य खेल संघों के बीच सरोकारों का है। इसमें दो राय नहीं कि हिमाचल में क्रिकेट एसोसिएशन की जीत का असर खेल मैदानों की…

हत्यारी भीड़ पर कानून

भीड़ की हिंसा किसी की हत्या करे, उसकी सजा फांसी होनी चाहिए। भीड़तंत्र आतंकवाद के शासन की तरह है। असहिष्णुता, वैचारिक प्रभुत्व और पूर्वाग्रह को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं, बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कानून को नागरिक अपने हाथों में नहीं ले…

शिमला की इमारतें गुनहगार

विकास की मंजिलें शिमला में कितनी गुनहगार हो चुकी हैं, इसका अर्थ हम एनजीटी के ताजा फैसले की कड़क भाषा से जान सकते हैं। एनजीटी ने ऊंची इमारतों की ठिगनी हो चुकी करतूतों का हिसाब करते हुए सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, यानी अब…

‘सिंडिकेट’ की सियासत या साजिश

प्रधानमंत्री मोदी की मिदनापुर रैली में पंडाल गिरना और 13 महिलाओं समेत 67 लोगों का घायल होना, यह कोई सामान्य हादसा नहीं है। बेशक स्टील के ढांचे पर उत्साहित भीड़ के चढ़ने पर खंभा ढह गया हो और पंडाल भी धराशायी हुआ हो, लेकिन प्रधानमंत्री की…

मालरोड पर मुख्यमंत्री 

भारतीय इतिहास के सबूतों-प्रतीकों के साथ शिमला का मालरोड वैचारिक चश्मे की तरह बहना जानता है, इसलिए जब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर रविवार को टहलते हैं तो सियासी घटाएं भी दस्तक देती हैं। सरकार की तफतीश के निरंतर सिलसिले इसी मालरोड की जुबान बन जाते…

पीएम मोदी की चुनावी बिसात

मौका था पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के शिलान्यास का। देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे और करीब 23,000 करोड़ रुपए की लागत...! विकास का एक ठोस प्रतिमान और वह भी उप्र के उस इलाके में, जिसकी छवि अब ‘आतंकगढ़’ की है। आजमगढ़ कभी 1857 की क्रांति और अयोध्या…

संस्कृति विरुद्ध सियासी टिप्पणियां

क्या संस्कृति के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियों का उद्वेग सही है या हिमाचली टोपी-नाटी पर चल रहे प्रहसन को हम इसी परिप्रेक्ष्य में स्वीकार कर लें। विपक्षी नेता के रूप में अपना आगाज कर रहे मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री के साथ नाटी युद्ध छेड़कर,…

नवाज शरीफ पर विराम नहीं

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पाकिस्तान में अवाम ‘शेर’ मानती है। बेशक आज ‘शेर’ पिंजरे में कैद है, लेकिन उसकी ताकत छिन्न-भिन्न नहीं हुई है। अवाम अब भी उनकी समर्थक है। उनके पार्टी कार्यकर्ता मायूस नहीं हैं। वे जश्न के मानस में हैं, झंडा…

हिमाचली नाफरमानी का गैंग

हिमाचल में नाफरमानी गैंग की बाहों को मरोड़ने के लिए माननीय अदालतों का शुक्रिया करना होगा, वरना सियासी ओहदों की खुमारी में प्रदेश कितना लुट गया, इसकी हमें खबर तक नहीं। अब किस्से सामने हैं और परतें जब खुलने लगीं, तो अवैध निर्माण के हमाम में…

ताजमहल सहेजो या ढहा दो

यह दौर सियासत का है। सियासत उछल-कूद कर रही है, हिंदू-मुसलमान के रंग में रंगी है। सियासत ऐसी है कि दुनिया के आठ आश्चर्यों में शामिल ताजमहल को भी शिकार बना लिया गया है। ताजमहल पर किस पार्टी को कितने वोट मिलेंगे, यह दावा नहीं किया जा सकता,…

अंततः सिने पर्यटन की ओर

नीतियों की गुंजाइश में हिमाचल ने फिल्म का क्षेत्र चुनकर एक पुरानी मांग से पर्दा हटाया है। ऐसा लगता है कि अंततः सिने पर्यटन में चर्चित रहे हिमाचल ने गंभीरता से उद्योग के बेहतर स्वरूप को अंगीकार करने का मन बनाया है। विषय और विविधता चुनते हुए…

राहुल को ‘टोपी’ कबूल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महाधिवेशन में सार्वजनिक मंच से खुद को ‘खानदानी हिंदू’ बताया था। किसी को आपत्ति नहीं। राहुल गांधी ने गुजरात चुनाव के दौरान 27 मंदिरों, उप्र चुनावों में 14 मंदिरों और कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 19…

शिक्षा प्रबंधन की नई तासीर

शिक्षा प्रबंधन की नई तासीर समझने की कोशिश में हिमाचल के मंत्री सुरेश भारद्वाज प्रशंसा के पात्र माने जाएंगे। यह इसलिए भी कि विभाग के बीच मंत्री का होना दिखाई देता है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या को चुनौती मानकर देखा जाए, तो कई…